Naresh Bhagoria
21 Jan 2026
Naresh Bhagoria
21 Jan 2026
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21 Jan 2026
पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। राज्य के विभिन्न विभागों को केंद्र सरकार से मिलने वाले अंश को लेकर असमंजस है। केंद्रांश का डिटेल वित्त विभाग के पोर्टल पर दर्ज है। इसके अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अबतक 21% राशि ही रिलीज हुई है, जबकि विभाग के अफसरों का कहना है कि एसएनए स्पर्श पोर्टल के अनुसार केंद्रांश पूरा मिल रहा है। केवल जल जीवन मिशन के लिए केंद्र से आठ हजार करोड़ की राशि नहीं मिली है। इसके लिए केंद्र ने भरोसा दिया है कि आगे चलकर देंगे, लेकिन समय तय नहीं है। इसी विश्वास में राज्य सरकार ने अपना खजाना खोल रखा है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। इस अभियान में 16 प्रमुख विभाग शामिल किए गए हैं। इनमें सबसे बड़ी भूमिका कृषि विभाग की है, बावजूद केंद्र से मिलने वाले अंश की गति धीमी है। वित्त विभाग के पोर्टल के अनुसार केंद्र को अपने अंश का इस वित्तीय वर्ष में 996.34 करोड़ रुपए देना है, लेकिन जनवरी की स्थिति में 39.14 करोड़ यानि 3.92% ही केंद्रांश मिला है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में 228 करोड़ और सब मिशन आन फार्म वाटर मेनेजमेंट में 209 करोड़ में से कुछ नहीं मिला है।
पशु पालन एवं डेयरी विभाग, राजस्व, ऊर्जा, सहकारिता, पंचायत, पीएचई, मछुआ एवं मत्स्य कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगार, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसे विभागों को भी एक पैसा नहीं मिला है।
स्रोत : वित्त विभाग का पोर्टल (5 जनवरी 2026 तक)

बजट प्रावधान 68,619.67
राज्य का हिस्सा 24,263.71
केंद्रीय हिस्सा 44,355.95
केंद्र से प्राप्त 9,744.79
केंद्र से अब एसएनए स्पर्श प्रणाली में राशि समय पर निकाली जाती है। इससे राज्य को जारी राशि दिखाई नहीं देती है। वित्त के पोर्टल पर मौजूद डेटा में एसएनए स्पर्श द्वारा निकाली गई राशि शामिल नहीं है। हमारे प्रस्तावों के अनुसार राशि मिल रही है। केंद्र द्वारा देशभर में जल जीवन मिशन की राशि जारी नहीं की जा रही है।
मनीष रस्तोगी, एसीएस, वित्त
केंद्र से जल जीवन मिशन के लिए आठ हजार करोड़ रुपए मिलने का इंतजार है। केंद्र ने कहा है कि बाद में समायोजन कर देंगे। इस उम्मीद पर राज्य सरकार हमें पर्याप्त राशि उपलब्ध करा रही है। इससे मार्च तक एकल नल जल समूह परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी।
पी. नरहरि, प्रमुख सचिव, पीएचई