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Peoples Update Special :जल जीवन मिशन को 8 हजार करोड़ देने केंद्र का भरोसा, पर समय तय नहीं

राज्य के विभिन्न विभागों को केंद्र सरकार से मिलने वाले अंश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। केंद्र के हिस्से का विवरण वित्त विभाग के पोर्टल पर दर्ज है। पोर्टल के अनुसार 21 प्रतिशत राशि रिलीज हुई है, जबकि अफसरों को मानना कुछ और है।
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जल जीवन मिशन को 8 हजार करोड़ देने केंद्र का भरोसा, पर समय तय नहीं
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। राज्य के विभिन्न विभागों को केंद्र सरकार से मिलने वाले अंश को लेकर असमंजस है। केंद्रांश का डिटेल वित्त विभाग के पोर्टल पर दर्ज है। इसके अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अबतक 21% राशि ही रिलीज हुई है, जबकि विभाग के अफसरों का कहना है कि  एसएनए स्पर्श पोर्टल के अनुसार केंद्रांश पूरा मिल रहा है। केवल जल जीवन मिशन के लिए केंद्र से आठ हजार करोड़ की राशि नहीं मिली है। इसके लिए केंद्र ने भरोसा दिया है कि आगे चलकर देंगे, लेकिन समय तय नहीं है। इसी विश्वास में राज्य सरकार ने अपना खजाना खोल रखा है। 

    केंद्र से मिलने वाले अंश की गति धीमी

    राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। इस अभियान में 16 प्रमुख विभाग शामिल किए  गए हैं। इनमें सबसे बड़ी भूमिका कृषि विभाग की है, बावजूद केंद्र से मिलने वाले अंश की गति धीमी है। वित्त विभाग के पोर्टल के अनुसार केंद्र को अपने अंश का इस वित्तीय वर्ष में 996.34 करोड़ रुपए देना है, लेकिन जनवरी की स्थिति में 39.14 करोड़ यानि 3.92% ही केंद्रांश  मिला है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में 228 करोड़ और सब मिशन आन फार्म वाटर मेनेजमेंट में 209 करोड़ में से कुछ नहीं मिला है।  

    कृषि से जुड़े इन विभागों को भी कुछ नहीं

    पशु पालन एवं डेयरी विभाग, राजस्व, ऊर्जा, सहकारिता, पंचायत, पीएचई, मछुआ एवं मत्स्य कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगार, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसे विभागों को भी एक पैसा नहीं मिला है।

    इन्हें नाममात्र का केंद्रांश मिला

    • नगरीय विकास को 1,954.07 करोड़ में से सिर्फ 5 करोड़।
    • मेट्रो रेल, अमृत- दो, शहरी स्वच्छ भारत मिशन दो, पीएम ई बस
    • सेवा में शून्य।
    • जल संसाधन को 945 करोड़ में से 4.68 करोड़ यानि 0.49 प्रतिशत राशि मिली।
    • बांध तथा संलग्न कार्य के 290 और केन बेतवा लिंक परियोजना के 630 करोड़ अटके।
    • अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को 769.45 करोड़ में 28.43 मिले जो 3.69 प्रतिशत है।
    • मनरेगा में 3,160 में 533 करोड़ और पीएम आवास योजना में 2,640 करोड़ में से 1,987 करोड़ मिले।
    • सामाजिक न्याय विभाग को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन में 372.88 करोड़

               स्रोत : वित्त विभाग का पोर्टल (5 जनवरी 2026 तक)

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    बजट प्रावधान    68,619.67

    राज्य का हिस्सा  24,263.71   

    केंद्रीय हिस्सा   44,355.95

    केंद्र से प्राप्त     9,744.79 

    अब केंद्रांश सीधी तौर पर जारी नहीं होती

    केंद्र से अब एसएनए स्पर्श प्रणाली में राशि समय  पर निकाली जाती है। इससे राज्य को जारी राशि दिखाई नहीं देती है। वित्त के पोर्टल पर मौजूद डेटा में एसएनए स्पर्श द्वारा निकाली गई राशि शामिल नहीं है। हमारे प्रस्तावों के अनुसार राशि मिल रही है। केंद्र द्वारा  देशभर में जल जीवन मिशन की राशि जारी नहीं की जा रही है।

    मनीष रस्तोगी, एसीएस, वित्त

    जल जीवन मिशन के लिए राज्य से मिल रही राशि

    केंद्र से जल जीवन मिशन के लिए आठ हजार करोड़ रुपए मिलने का इंतजार है। केंद्र ने कहा है कि बाद में समायोजन कर देंगे। इस उम्मीद पर राज्य सरकार हमें पर्याप्त राशि उपलब्ध करा रही है। इससे मार्च तक एकल नल जल समूह परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी।

    पी. नरहरि, प्रमुख सचिव, पीएचई

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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