
भारत में पैसेंजर व्हीकल (PV) सेक्टर ने मार्च 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। थोक बिक्री सालाना आधार पर 16% बढ़कर करीब 4.4 लाख यूनिट तक पहुंच गई जबकि पिछले महीने के मुकाबले इसमें 6% की बढ़त दर्ज हुई है। रेटिंग एजेंसी ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक यह तेजी मजबूत घरेलू मांग और ऑटो कंपनियों (OEMs) के लगातार उत्पादन बनाए रखने की वजह से आई है।
रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में पैसेंजर व्हीकल सेक्टर की ग्रोथ 4% से 6% के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि FY2026 में 8.6% की ग्रोथ दर्ज हुई थी लेकिन ऊंचे बेस और कमजोर मानसून के अनुमान के कारण आगे की ग्रोथ थोड़ी सीमित रह सकती है।
मार्च 2026 में रिटेल बिक्री में 21% की सालाना बढ़त दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण नए मॉडल लॉन्च और GST दरों में बदलाव का सकारात्मक असर रहा। पूरे FY2026 में रिटेल बिक्री 11% बढ़कर रिकॉर्ड 4.6 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई।
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वित्त वर्ष 2026 के पहले हाफ (H1) में थोक बिक्री में 0.2% की हल्की गिरावट देखी गई थी। लेकिन GST दरों में बदलाव के बाद दूसरे हाफ (H2) में इसमें 17% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई जिससे पूरे साल का प्रदर्शन बेहतर रहा।
FADA के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 तक डीलर इन्वेंट्री घटकर करीब 28 दिन रह गई जो एक साल पहले 52-53 दिन और सितंबर 2025 में करीब 60 दिन थी। यह संकेत देता है कि बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है और वाहनों की खपत तेजी से हो रही है।
FY2026 में कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में यूटिलिटी व्हीकल (SUV) का हिस्सा 68% रहा। SUV सेगमेंट लगातार बाजार को आगे बढ़ा रहा है जबकि मिनी, कॉम्पैक्ट और सुपर-कॉम्पैक्ट कारों की बिक्री में भी GST कटौती के बाद हल्की रिकवरी देखने को मिली है। आगे भी SUV सेगमेंट के ग्रोथ का मुख्य आधार बने रहने की उम्मीद है हालांकि पैसेंजर कारों की मांग में भी सुधार आने के संकेत हैं।
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भारतीय ऑटो कंपनियों ने FY2026 में एक्सपोर्ट के मोर्चे पर भी अच्छा प्रदर्शन किया। वाहनों का निर्यात 18% बढ़ा है जो यह दिखाता है कि भारतीय कंपनियां वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत कर रही हैं।