
भोपाल और इंदौर मेट्रो में सोमवार से ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) सिस्टम शुरू हो गया है। इस नई सुविधा के लागू होने के बाद अब यात्रियों को टिकट के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अब इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए सीधे स्टेशन में एंट्री और एग्जिट कर सकेंगे। पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों ने इस नई सुविधा का उपयोग किया।
मेट्रो में अब कई तरह के टिकट विकल्प दिए गए हैं जिससे सफर और आसान हो गया है:
स्टेशन पर लगी टिकट वेंडिंग मशीन (TVM) के जरिए यात्री खुद टोकन या स्मार्ट कार्ड खरीद और रिचार्ज कर सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और भीड़ भी कम होगी।
नई सुविधा के साथ मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों को आकर्षित करने के लिए छूट भी शुरू की है:
यह खासतौर पर रोजाना सफर करने वालों और समूह में यात्रा करने वालों के लिए फायदेमंद रहेगा।
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) द्वारा शुरू किया गया यह सिस्टम पूरी तरह कैशलेस और डिजिटल है। इसमें यात्रियों को बिना मैन्युअल टिकट काउंटर के मेट्रो में सफर करने की सुविधा मिलती है। स्टेशन पर लगे ऑटोमैटिक गेट्स (AFC Gates) कार्ड या QR कोड स्कैन करने पर ही खुलते हैं।
MP मेट्रो एप के जरिए टिकट बुक करने और वॉलेट रिचार्ज करने पर यात्रियों को अतिरिक्त छूट दी जा रही है:
इससे यात्रियों का समय भी बचेगा और किराया भी कम लगेगा।
पेपर QR टिकट काउंटर से नकद या UPI के जरिए लिए जा सकते हैं जबकि मोबाइल QR टिकट ऐप के माध्यम से डिजिटल पेमेंट से खरीदे जा सकते हैं। हालांकि मेट्रो वॉलेट में डाली गई राशि का उपयोग केवल टिकट खरीद के लिए ही होगा और इसे वापस नहीं किया जाएगा।
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AFC सिस्टम लागू होने से अब मेट्रो यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। लाइन में लगने की परेशानी खत्म होगी और डिजिटल टिकटिंग से पूरा सिस्टम अधिक पारदर्शी और आसान बनेगा।