दुनिया के तीसरे सबसे छोटे देश ने बदला अपना नाम!अब 'नौरू' नहीं बल्कि 'रिपब्लिक ऑफ नाओएरो' कहलाएगा
1900 में यहां फॉस्फेट के बड़े भंडार मिले। इसके बाद खनन शुरू हुआ और नाओएरो दुनिया के प्रमुख फॉस्फेट निर्यातकों में शामिल हो गया। आजादी के बाद सरकार ने इस उद्योग पर नियंत्रण हासिल किया और 1970 के दशक में यह दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में गिना जाने लगा।
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