नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंच गया है। देश के कई राज्यों में LPG सिलेंडर की भारी किल्लत देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लोग सुबह 4 बजे से गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगाकर सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं।
कई जगहों पर हालात इतने खराब हैं कि, लोग रात से ही गैस एजेंसी के बाहर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी की खबरें भी सामने आ रही हैं। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों से LPG संकट की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
बिहार में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, तब जाकर सिलेंडर मिल पा रहा है। सिलेंडर की कमी का असर अब बाजार पर भी दिखने लगा है-
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में लोग सिलेंडर के लिए रात से ही गैस एजेंसी के बाहर बैठ गए। शनिवार सुबह तक लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन कई लोगों को तब भी सिलेंडर नहीं मिल पाया। वहीं कन्नौज में गैस एजेंसी पर सिलेंडर को लेकर हंगामा हो गया। लोगों का आरोप है कि एजेंसी में गैस नहीं मिल रही।
कानपुर में गैस सिलेंडर के लिए लगी लाइन के दौरान विवाद हो गया। यह मामला एचएएल टाउनशिप के पास स्थित समृद्धि गैस एजेंसी का बताया जा रहा है। लाइन में खड़ी एक युवती ने आरोप लगाया कि एजेंसी के कर्मचारी ने उसके साथ मारपीट की और थप्पड़ मार दिया। इसके बाद वहां काफी हंगामा हुआ।
पंजाब और चंडीगढ़ में भी गैस संकट गहराता जा रहा है। बरनाला में सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
छत्तीसगढ़ में भी गैस की भारी कमी की शिकायतें सामने आई हैं। रायपुर समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लोगों की भीड़ जुट रही है। लोग तेज धूप में घंटों खड़े होकर सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
हरियाणा में हालात यह हैं कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए लोगों को करीब 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऑनलाइन बुकिंग कई जगह बंद है और फोन कॉल का जवाब नहीं मिल रहा। इस वजह से लोग सीधे गैस एजेंसियों पर जाकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
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राजस्थान में सिलेंडर की कमी के कारण कई होटल और ढाबे अब लकड़ी के चूल्हे और कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं। रमजान और शादियों के सीजन के कारण यह समस्या और भी बढ़ गई है। लंगर और सामाजिक संस्थाओं को भी खाना बनाने में दिक्कतें आ रही हैं।
हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल LPG की कमी के कारण होटल और ढाबा संचालक इंडक्शन कुकर खरीद रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पहले हफ्ते में 1-2 इंडक्शन ही बिकते थे, लेकिन अब रोजाना 8 से 15 इंडक्शन तक बिक रहे हैं।
LPG संकट का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण होटल और ढाबा संचालक भी परेशान हैं। कई जगहों पर होटल मालिकों ने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
कई रेस्टोरेंट और ढाबे अब बिजली की भट्ठी, कोयले, और लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। कुछ दुकानदारों ने तो दुकानें बंद करने तक का फैसला कर लिया है।
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LPG संकट का फायदा उठाकर कई जगहों पर कालाबाजारी और जमाखोरी शुरू हो गई है। कई इलाकों में ₹2000 का कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4000 तक में बेचा जा रहा है। कुछ जगहों पर घरेलू सिलेंडर भी ₹4000 तक में बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
तमिलनाडु
मदुरई में पुलिस ने दो ठिकानों पर छापा मारकर 398 सिलेंडर जब्त किए और दो लोगों को गिरफ्तार किया।
मध्य प्रदेश
छतरपुर में दो दिन के भीतर 38 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए।
उत्तर प्रदेश
हापुड़ में एक मकान से 32 गैस सिलेंडर बरामद किए गए।
कर्नाटक
बेंगलुरु में 50 से ज्यादा गोदामों और मालगाड़ियों की तलाशी ली गई।
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केंद्र सरकार का कहना है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में कहा कि, देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक रिफाइनरियों में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने लोगों से अपील की है कि, जो परिवार पाइप गैस (PNG) का इस्तेमाल कर सकते हैं, वे PNG कनेक्शन ले लें। सरकार के मुताबिक, देश में लगभग 60 लाख परिवारों के पास PNG की सुविधा उपलब्ध है। PNG की सप्लाई में कोई कमी नहीं है।
बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने LPG बुकिंग के नियमों में बदलाव किए।
6 मार्च :
9 मार्च :
12 मार्च :
सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए सिलेंडर डिलीवरी के दौरान OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है।
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गाजियाबाद और खोड़ा जैसे इलाकों से शिकायतें आई हैं कि, मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज आ गया लेकिन घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचा। कई लोग 25 दिन पहले बुकिंग करने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं।
हाई-लेवल कमेटी बनाई - सप्लाई की समीक्षा के लिए तेल कंपनियों के अधिकारियों की टीम बनाई गई।
एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू - गैस की सप्लाई नियंत्रित करने के लिए।
बुकिंग नियम बदले - एक सिलेंडर के बाद दूसरा 25 दिन बाद ही बुक होगा।
OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य - जमाखोरी रोकने के लिए।
LPG उत्पादन बढ़ाया - रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया गया।
सरकार ने हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी की है।
प्रमुख शहरों में नए घरेलू सिलेंडर के दाम
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹114.50 की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम अब ₹1883 हो गया है।
LPG संकट की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का लगभग बंद होना बताया जा रहा है। यह करीब 167 किलोमीटर लंबा समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष के दौरान ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।
इस कारण भारत में गैस सप्लाई प्रभावित हुई है।