नई दिल्ली। देश की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम होने वाला है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) आज शाम 4 बजे पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करने जा रहा है। इन राज्यों की 824 सीटों पर होने वाले चुनावों से न सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति का भविष्य तय होगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनावी कार्यक्रम का पूरा खाका पेश करेंगे। माना जा रहा है कि, पश्चिम बंगाल और असम में दो चरणों में मतदान हो सकता है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव कराए जाने की संभावना है।
देश के इन पांच राज्यों की कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। सबसे ज्यादा सीटें पश्चिम बंगाल में हैं, जबकि सबसे कम पुडुचेरी में।
विधानसभा सीटों का विवरण
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राज्य |
कुल सीटें |
बहुमत |
|
पश्चिम बंगाल |
294 |
148 |
|
असम |
126 |
64 |
|
तमिलनाडु |
234 |
118 |
|
केरल |
140 |
71 |
|
पुडुचेरी |
30 |
16 |
|
कुल |
824 |
— |
इन राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2026 में खत्म हो रहा है, इसलिए चुनाव आयोग को उससे पहले चुनाव कराना अनिवार्य है।
भारत निर्वाचन आयोग आज दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी-
जैसे ही चुनाव कार्यक्रम घोषित होगा, पांचों राज्यों में आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो जाएगी और राजनीतिक दलों का आधिकारिक चुनाव प्रचार शुरू हो जाएगा।
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पिछले कुछ हफ्तों में चुनाव आयोग की टीम ने सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया।
दौरे की टाइमलाइन
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राज्य |
दौरे की तारीख |
|
असम |
फरवरी 2026 |
|
तमिलनाडु |
फरवरी 2026 |
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पुडुचेरी |
फरवरी 2026 |
|
केरल |
6-7 मार्च |
|
पश्चिम बंगाल |
9-10 मार्च |
इन दौरों के दौरान आयोग ने राजनीतिक दलों से बैठक, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से चर्चा, सुरक्षा एजेंसियों से समीक्षा, EVM और VVPAT मशीनों की जांच, केंद्रीय बलों की तैनाती पर चर्चा जैसे मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की।
पांचों राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 में खत्म हो रहा है।
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राज्य |
कार्यकाल समाप्ति |
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पश्चिम बंगाल |
7 मई 2026 |
|
तमिलनाडु |
10 मई 2026 |
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असम |
20 मई 2026 |
|
केरल |
23 मई 2026 |
|
पुडुचेरी |
15 जून 2026 |
इसी वजह से चुनाव आयोग को समय रहते चुनाव कार्यक्रम घोषित करना होगा।
इन पांचों राज्यों में करोड़ों मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए वोट डालेंगे।
मतदाता आंकड़े
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राज्य |
कुल वोटर |
पुरुष |
महिलाएं |
थर्ड जेंडर |
|
पश्चिम बंगाल |
7.0 करोड़ |
3.6 करोड़ |
3.4 करोड़ |
1402 |
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असम |
2.4 करोड़ |
1.2 करोड़ |
1.2 करोड़ |
343 |
|
तमिलनाडु |
5.6 करोड़ |
2.7 करोड़ |
2.8 करोड़ |
7617 |
|
केरल |
2.6 करोड़ |
1.3 करोड़ |
1.3 करोड़ |
277 |
|
पुडुचेरी |
9.4 लाख |
4.4 लाख |
5.0 लाख |
139 |
इन चुनावों से पहले मतदाता सूची में बड़ा बदलाव हुआ है। Special Intensive Revision (SIR) के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।
किस राज्य में कितने नाम हटे
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राज्य |
हटाए गए वोटर |
|
तमिलनाडु |
74 लाख |
|
पश्चिम बंगाल |
58 लाख |
|
केरल |
8 लाख |
|
असम |
2 लाख |
|
पुडुचेरी |
77 हजार |
तमिलनाडु में पहले 6.41 करोड़ वोटर थे, जो अब घटकर 5.67 करोड़ रह गए हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले 14 साल से सत्ता में हैं और अगर उनकी पार्टी टीएमसी इस बार भी जीतती है तो वह लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना सकती हैं। यह उपलब्धि उन्हें देश की पहली महिला मुख्यमंत्री बना सकती है जो लगातार चार बार सत्ता में रही हों।
2021 चुनाव परिणाम
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पार्टी |
सीटें |
वोट प्रतिशत |
|
TMC |
213 |
48% |
|
BJP |
77 |
38.1% |
|
अन्य |
2 |
10% |
इस बार भी मुख्य मुकाबला TMC और BJP के बीच माना जा रहा है।
असम में पिछले 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी इस बार लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले छह महीनों में तीन बार असम का दौरा कर चुके हैं। भाजपा ने इस चुनाव में 100+ सीटों का लक्ष्य रखा है।
2021 चुनाव परिणाम
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पार्टी |
सीटें |
वोट प्रतिशत |
|
BJP |
60 |
33.2% |
|
कांग्रेस |
29 |
29.7% |
|
अन्य |
37 |
37% |
भाजपा के खिलाफ कांग्रेस ने कई क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन बनाया है।
तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से क्षेत्रीय दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। पिछले 60 वर्षों में यहां न कांग्रेस और न ही भाजपा को सत्ता मिली है। मुख्य मुकाबला आमतौर पर DMK और AIADMK के बीच होता है।
2021 चुनाव परिणाम
|
पार्टी |
सीटें |
वोट प्रतिशत |
|
DMK |
159 |
37.7% |
|
AIADMK |
75 |
33.3% |
|
अन्य |
— |
29% |
इस बार सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK भी चुनाव मैदान में उतर सकती है।
केरल देश का इकलौता राज्य है जहां अभी भी वामपंथी सरकार सत्ता में है। यहां आम तौर पर हर चुनाव में सत्ता बदलने की परंपरा रही है। लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई।
2021 चुनाव परिणाम
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गठबंधन |
सीटें |
वोट प्रतिशत |
|
LDF |
99 |
45.4% |
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UDF (कांग्रेस+) |
41 |
39.1% |
|
अन्य |
- |
15% |
भाजपा अब तक केरल विधानसभा में एक भी सीट नहीं जीत पाई है।
पुडुचेरी देश की सबसे छोटी विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश है। यहां कुल 30 सीटें हैं। 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद NDA गठबंधन ने सत्ता हासिल की थी।
2021 चुनाव परिणाम
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गठबंधन |
सीटें |
वोट प्रतिशत |
|
NDA (AINRC+BJP) |
16 |
41% |
|
UDF (कांग्रेस+DMK) |
9 |
33% |
|
अन्य |
5 |
26% |
इस बार कांग्रेस और DMK गठबंधन वापसी की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार पश्चिम बंगाल और असम में पिछले चुनावों की तुलना में कम चरणों में मतदान कराया जा सकता है। 2021 में कितने चरणों में चुनाव हुए थे-
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राज्य |
चरण |
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पश्चिम बंगाल |
8 |
|
असम |
3 |
|
तमिलनाडु |
1 |
|
केरल |
1 |
|
पुडुचेरी |
1 |
इस बार सुरक्षा और समय को ध्यान में रखते हुए चरण कम किए जा सकते हैं।
इन चुनावों में कई स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं-
हर राज्य में अलग-अलग मुद्दे चुनावी माहौल तय करेंगे।
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चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है-
इसी वजह से आयोग ने सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर खास ध्यान दिया है।