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पचमढ़ी:सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में फिर हुई बाघ की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

पचमढ़ी के पास सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बाघ की मौत का मामला सामने आया है। पचमढ़ी पूर्व रेंज के डहालिया-मुआर इलाके में शनिवार को बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया।
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सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में फिर हुई बाघ की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

पचमढ़ी के पास सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बाघ की मौत का मामला सामने आया है। पचमढ़ी पूर्व रेंज के डहालिया-मुआर इलाके में शनिवार को बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शव करीब तीन दिन पुराना बताया जा रहा है जिससे गश्त और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

मौत की वजह फिलहाल साफ नहीं

सूचना मिलते ही वन विभाग और टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल बाघ की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।

लगातार मौतों से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बाघों की मौतों ने वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और चिंताजनक हो सकते हैं।

अधिकारियों से संपर्क नहीं

मामले में विस्तृत जानकारी लेने के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीओ और फील्ड डायरेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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क्या STR प्रबंधन बाघों की सुरक्षा में नाकाम?

लगातार हो रही घटनाओं से यह संकेत मिल रहा है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा और मॉनिटरिंग में गंभीर खामियां हैं।

  • जंगलों में रियल टाइम मॉनिटरिंग कमजोर बताई जा रही है
  • कई मामलों में शिकार की आशंका के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई
  • हर बार घटनाओं को सामान्य मौत बताने की कोशिश की जाती है

पहले भी सामने आ चुके हैं गंभीर मामले

  • जनवरी 2026: सोनतलाई बीट में बाघिन की संदिग्ध मौत, कारण अब तक स्पष्ट नहीं
  • सितंबर 2025: संदिग्ध शिकारी कैमरों में कैद, चार कैमरे चोरी
  • मई 2025: बंदूकधारी शिकारियों ने सांभर का शिकार किया
  • मार्च 2025: कॉलर आईडी वाले बाघ का 24 दिन पुराना शव मिला, रेडियो कॉलर जलाया गया

‘रावण’ बाघ का शिकार अब तक रहस्य

अगस्त 2025 में ‘रावण’ नामक बाघ का शिकार किया गया था। तवा नदी के पास उसका शव मिला था और शिकारी उसके पंजे काटकर ले गए थे। आज तक न तो शिकार की सही जगह का पता चल पाया और न ही आरोपी पकड़े गए।

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करोड़ों खर्च के बावजूद सुरक्षा पर सवाल

बाघ संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर नजर आ रही है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि अगर निगरानी और सुरक्षा को मजबूत नहीं किया गया तो बाघों की संख्या पर गंभीर असर पड़ सकता है।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

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