Dhruva Natchathiram :विक्रम-GVM की ‘ध्रुव नक्षत्र’ को हाईकोर्ट की हरी झंडी, जून 15 तक रिलीज का आदेश

विक्रम की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ध्रुव नक्षत्र’ को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। गौतम वासुदेव मेनन के निर्देशन में बनी यह फिल्म लंबे समय से रिलीज के इंतजार में अटकी हुई थी। अब चेन्नई उच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीज को मंजूरी दे दी है, जिससे फैंस के बीच एक बार फिर उत्साह बढ़ गया है। यह प्रोजेक्ट अपने एलान के बाद से ही चर्चा में रहा, लेकिन वित्तीय और कानूनी कारणों से इसकी रिलीज बार-बार टलती रही।
जून 15 तक रिलीज की समयसीमा तय
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि फिल्म को 15 जून तक या उससे पहले रिलीज किया जा सकता है। यह आदेश निर्माताओं के लिए एक तय डेडलाइन की तरह है, ताकि लंबे समय से लटकी इस फिल्म को आखिरकार दर्शकों तक पहुंचाया जा सके। कोर्ट का यह फैसला इंडस्ट्री के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे अटके हुए प्रोजेक्ट्स के समाधान की एक मिसाल सामने आती है।
निवेशकों के हितों की सुरक्षा पर जोर
फिल्म में निवेश करने वाले के. पुण्णियमूर्ति और के. प्रेमकुमार ने अदालत में अपनी चिंता जाहिर की थी कि फिल्म से होने वाली कमाई का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जाए। अदालत ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि फिल्म से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए जाएं। इससे निवेशकों के हित सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में किसी तरह का विवाद नहीं होगा।
अलग बैंक अकाउंट और कानूनी निगरानी की व्यवस्था
कोर्ट ने फिल्म के लिए एक अलग बैंक खाता खोलने का आदेश दिया है, जिसमें फिल्म की पूरी कमाई जमा की जाएगी और खर्च का हिसाब रखा जाएगा। इसके साथ ही एक स्वतंत्र वकील को सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जो सभी वित्तीय गतिविधियों की निगरानी करेगा। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित विवाद को रोकने के लिए उठाया गया है।
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रिलीज से पहले फंडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन की चुनौती
फिल्म को रिलीज से पहले अभी कुछ व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना होगा। निर्देशक गौतम वासुदेव मेनन को बकाया भुगतान निपटाने के लिए अतिरिक्त निवेशकों से फंड जुटाना होगा। इसके अलावा, थिएटर मालिकों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ बातचीत कर फिल्म की रिलीज रणनीति तैयार करनी होगी, ताकि इसे अधिकतम स्क्रीन और दर्शक मिल सकें।
जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाने का विकल्प खुला
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से 15 जून तक फिल्म रिलीज नहीं हो पाती है, तो निर्माता पक्ष समय बढ़ाने के लिए दोबारा कोर्ट का रुख कर सकता है। ऐसे में अब पूरी नजर इस बात पर है कि मेकर्स तय समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर पाते हैं या नहीं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट और प्रमोशनल गतिविधियों की घोषणा की जाएगी, जिससे ‘ध्रुव नक्षत्र’ आखिरकार सिनेमाघरों तक पहुंच सके।











