नई दिल्ली। भारत और चीन जल्द ही सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने की तैयारी में हैं। यह कदम दोनों देशों के राजनीतिक रिश्तों को फिर से पटरी पर लौटने का संकेत है। सूत्रों के मुताबिक, यह सेवा अगले महीने से शुरू हो सकती है। भारत सरकार ने देश की एयरलाइनों को अल्प सूचना पर चीन के लिए उड़ानें शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा है। संभव है कि इस बारे में आधिकारिक घोषणा अगस्त के अंत में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में की जाए। बता दें कि कोविड-19 महामारी के बाद भारत और चीन के बीच यात्री उड़ानें बंद कर दी गई थीं। तब से यात्रियों को हांगकांग या सिंगापुर जैसे ट्रांजिट हब से होकर यात्रा करनी पड़ती थी। अब दोनों देशों के बीच सीधा हवाई संपर्क बहाल करने की कोशिश ऐसे समय हो रही है, जब भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास पैदा हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारतीय सामान पर टैरिफ दोगुना कर 50% कर दिया है। इस घटनाक्रम के बीच भारत और चीन एक बार नजदीक आते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच, एयर इंडिया ने घोषणा की है कि वह अगले महीने से वाशिंगटन डीसी के लिए सीधी उड़ान सेवा बंद कर देगी। कंपनी ने बताया कि कुछ ऑपरेशनल दिक्कतों की वजह से यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, एयर इंडिया की न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ानें पहले की तरह जारी रहेंगी। भारत और चीन के बीच कूटनीतिक रिश्ते 2020 में बेहद खराब हो गए थे, जब सीमा पर हुए संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक और अज्ञात संख्या में चीनी सैनिक मारे गए थे। हाल ही में भारत ने चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीज़ा देने की अनुमति दी है, जो कई सालों से प्रतिबंधित था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से तियानजिन में शुरू होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हो सकती है।
भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय, डीजीसीए और प्रेस सूचना ब्यूरो ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार किया है। सूत्रों ने बताया कि उड़ानें फिर से शुरू करने की सटीक तारीख अभी तय नहीं है। कोविड से पहले, भारतीय एयरलाइनों जैसे एयर इंडिया और इंडिगो के साथ-साथ चीनी एयरलाइंस एयर चाइना, चाइना सदर्न और चाइना ईस्टर्न भी दोनों देशों के प्रमुख शहरों के बीच उड़ानें संचालित करती थीं। उड़ानों के फिर शुरू होने पर संभावना है कि एयर इंडिया और इंडिगो दोनों ही चीन के लिए अपनी सेवाएं फिर से शुरू करेंगी। गौरतलब है कि भारत और चीन ने पहली बार जनवरी में सीधी उड़ानें बहाल करने पर सहमति जताई थी, लेकिन इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित युद्ध के कारण दोनों देशों के रिश्ते फिर बिगड़ गए थे।
इसके बाद जून में एक बार फिर दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों को शुरू करने की घोषणा की गई, लेकिन तब कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। अब पिछले दो हफ्तों में इस दिशा में तेजी आई है और संबंधित एयरलाइनों को भी इस प्रस्ताव के बारे में सूचित कर दिया गया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि भले ही दोनों देशों के बीच तनाव रहे हों, लेकिन व्यापार और लोगों के आवागमन के लिहाज से सहयोग की दिशा में नई कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। अगर यह योजना पूरी होती है, तो दोनों देशों के यात्रियों के लिए समय और लागत दोनों में बचत होगी, साथ ही द्विपक्षीय रिश्तों में भी एक सकारात्मक बदलाव आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक ध्रुवीकरण के इन दिनों में भारत और चीन का निकट आना एक बड़ा और रणनीतिक फैसला है। इससे भारत की घेराबंदी करने में लगे अमेरिका को रोकने में मदद मिलेगी।