झारखंड के थाने में महिला से दुष्कर्म के आरोप में 15 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 3 गिरफ्तार

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से पुलिस प्रशासन को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां गम्हरिया पुलिस थाने के परिसर में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक वायरलेस ऑपरेटर, एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल शामिल हैं।
महिला ने 31 अक्टूबर को इस मामले में पुलिस के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि उसके साथ पुलिस थाने के परिसर में ही दुष्कर्म किया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वायरलेस ऑपरेटर समेत 3 पुलिसकर्मी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में गम्हरिया थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा का नाम शामिल है। जांच के दौरान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके अलावा, इसी थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार साहू और कांस्टेबल संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने सोमवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस मामले में 15 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया है। हालांकि, सभी निलंबित पुलिसकर्मियों की भूमिका और उनके खिलाफ कार्रवाई के अलग-अलग आधारों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
31 अक्टूबर को महिला ने दर्ज कराई थी शिकायत
सरायकेला के अनुमंडल पुलिस को मुताबिक, पीड़ित महिला ने 31 अक्टूबर को लिखित शिकायत दी थी। इसमें उसने पुलिस स्टेशन परिसर के अंदर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था। शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई। इसके बाद जांच के दौरान तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। SDPO ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मामले में सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
SIT कर रही मामले की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है। इस टीम की जिम्मेदारी सरायकेला के SDPO अनुभव भारद्वाज को सौंपी गई है। SIT मामले से जुड़े सभी तथ्यों और सबूतों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाना है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों के आधार पर की जाएगी।
JLKM ने किया प्रदर्शन, पीड़िता के लिए मांगा न्याय
महिला के साथ थाने के अंदर कथित दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के सदस्यों ने घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठाई। संगठन के ST मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रेम मार्डी ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्यों ने रविवार को थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद सोमवार को भी संगठन के लोग थाने पहुंचे। उन्होंने पीड़िता से जुड़े सबूत जुटाने में सहयोग करने की बात कही। प्रेम मार्डी ने कहा कि उनका संगठन पीड़िता के साथ खड़ा है। उसे न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटना से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
CCTV और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर उठाए सवाल
प्रेम मार्डी ने झारखंड सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब राज्य की पुलिस की कमान एक महिला DGP के हाथों में है, तब पुलिस थाने के अंदर ही महिला के साथ ऐसी घटना कैसे हो सकती है? उन्होंने थाने में CCTV कैमरों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। प्रेम मार्डी के मुताबिक, थाने में CCTV कैमरों की निगरानी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है या फिर कई जगहों पर कैमरे मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि पुलिस थाने में ही महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होना प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल, इस मामले में SIT की जांच जारी है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।




















