Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Coal Mines News : कोयला खदान में चट्टान ढही, चोरी करने पहुचे पांच मजदूर दबे

छिंदवाड़ा के इकलहरा इलाके में ओपन कोयला खदान से कोयला निकालने गए पांच लोग दब गए। यह खदान वेस्टर्नकोलफील्ड्स ने बंद कर रखी है। घायलों में से चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 
 कोयला खदान में चट्टान ढही, चोरी करने पहुचे पांच मजदूर दबे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    छिंदवाड़ा। रविवार की रात इकलहरा इलाके में बंद पड़ी ओपन कोयला खदान से कोयला चुराने गए लोगों पर चट्‌टान गिर गई। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की यह खदान बंद कर दी गई थी। इसी खदान में करीब 15 लोग कोयला निकलाने गए थे। घटना रात लगभग 3 बजे की है। दुर्घटना में 5 लोग टूटी चट्‌टान में दब गए हैं। उनके साथ गए अन्य लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। हादसे के बाद उनके साथियों ने पत्थर हटाकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।  

    एक गंभीर, नागपुर भेजा 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार घायलों में रिजवान खान नाम के युवक की हालत नाजुक बताई गई है। उसे इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है। इसके अलावा शादाब खान, कुनाल, साईना कुरैशी और एक अन्य का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इनकी हालत भी नाजुक बताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो खदान गहरी थी और रात के कारण बचाव कार्य मुश्किल था, इसलिए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देर लगी। घटना की सूचना पर परासिया एसडीएम और तहसीलदार ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।  

    बंद खदान के आसपास अवैध गतिविधियां 

    कोलफील्ड्स सूत्रों ने बताया कि इकलहरा की खदान की पहचान बड़कुही ओपन कास्ट के नाम से है। इसमें कई सालों से उत्पादन बंद है, हालांकि यहां अवैध रूप से कोल माफिया कोयला निकलवाते रहते हैं। इसके आसपास अवैध गतिविधियां भी जारी रहती हैं। रात के समय मजदूरों से चोरी-छुपे खुदाई कराई जाती है। खदान की चट्टानें कमजोर होने के कारण कभी भी हादसे की आशंका बनी रहती है, फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर कोयला निकालने जाते हैं। यहां पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने हर बार खानापूर्ति की है। शायद प्रशासन को यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार है। प्रशासन को बंद पड़ी कोयला खदानों के आसपास निगरानी करनी चाहिए, नहीं तो किसी दिन बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts