West Bengal Election :"अगर हिम्मत है तो रोज मेरी गाड़ी चेक करो" एयरपोर्ट जाते समय ममता का फूटा गुस्सा, CEC ज्ञानेश कुमार को लिखा लेटर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच सियासी माहौल और तेज हो गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए बड़ा पत्र लिखा है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्रीय बलों की कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जिसके बाद CEC ज्ञानेश कुमार को एक बार फिर निशाने पर लिया है।
TMC- हमारे नेताओं को टारगेट किया जा रहा
TMC ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर कहा है कि उनके नेताओं को टारगेट कर उनकी गाड़ियों की जांच कराई जा रही है। पार्टी का दावा है कि यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है और इसके पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है।
अगर हिम्मत है तो मेरी गाड़ी चेक करो...
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उनकी गाड़ी की जांच करने की कोशिश की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा- गर हिम्मत है तो रोज मेरी गाड़ी चेक करें। TMC का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई “मोटिवेटेड कैंपेन” का हिस्सा है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
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BJP ने लॉन्च किया ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’
उधर भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं को केंद्र में रखते हुए ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ लॉन्च किया है। इसके तहत पार्टी ने वादा किया है कि अगर वह सत्ता में आती है तो राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹3000 दिए जाएंगे। इस कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी और स्मृति ईरानी मौजूद रहीं। राज्य में मतदान दो चरणों में होगा, जिसमें पहला चरण 23 अप्रैल को तय है।
इधर, शाह ने जलपाईगुड़ी में बोला हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जलपाईगुड़ी में रैली करते हुए TMC पर भ्रष्टाचार और घुसपैठ के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद पर सख्त कार्रवाई की है और आगे भी देशभर में घुसपैठियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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सीतारमण ने बुनकर परिवार संग खाना खाया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्वी वर्धमान में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि बंगाल के लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने एक बुनकर परिवार के घर भोजन कर स्थानीय जनता से जुड़ने का संदेश भी दिया। उनका कहना था कि राज्य की मौजूदा स्थिति बेहतर प्रशासन की मांग कर रही है और लोग परिवर्तन के लिए तैयार हैं।
होम वोटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराएगी चुनाव आयोग
इस बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी मतदाताओं को वोट देने का अवसर मिले, इसके लिए होम वोटिंग जैसी सुविधाएं लागू की जा रही हैं। इसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है। कुल मिलाकर, बंगाल में चुनावी जंग आरोप-प्रत्यारोप, सुरक्षा विवाद और वादों की राजनीति के बीच और तेज हो गई है। सभी दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मतदाताओं को साधने में जुटे हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प होता जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
14 अप्रैल को भेजी गई शिकायत में TMC ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस, पर्यवेक्षकों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) को निर्देश दिए गए हैं कि वे विशेष रूप से TMC नेताओं के वाहनों की जांच करें। पार्टी ने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए चुनाव आयोग से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक टकराव और तेज हुआ
- इस विवाद के चलते राज्य में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। TMC का कहना है कि यह पूरी कवायद लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी नियमों के तहत नियमित जांच बता रहा है। इस मुद्दे ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति को उजागर कर दिया है।
- गौरतलब है कि इससे पहले भी TMC की ओर से इसी तरह के आरोप लगाए जा चुके हैं। पार्टी का दावा है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान उनके नेताओं को बार-बार जांच और निगरानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
- कुल मिलाकर, वाहन जांच को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक संघर्ष का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जिसने पश्चिम बंगाल के चुनावी समीकरणों में और तनाव जोड़ दिया है।



















