कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच सियासी माहौल और तेज हो गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए बड़ा पत्र लिखा है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्रीय बलों की कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जिसके बाद CEC ज्ञानेश कुमार को एक बार फिर निशाने पर लिया है।
TMC ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर कहा है कि उनके नेताओं को टारगेट कर उनकी गाड़ियों की जांच कराई जा रही है। पार्टी का दावा है कि यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है और इसके पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है।
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उनकी गाड़ी की जांच करने की कोशिश की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा- गर हिम्मत है तो रोज मेरी गाड़ी चेक करें।
यह भी पढ़ें: West Bengal Election: चुनाव से पहले सियासी घमासान, ममता का कार्यकर्ताओं को अलर्ट
उधर भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं को केंद्र में रखते हुए ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ लॉन्च किया है। इसके तहत पार्टी ने वादा किया है कि अगर वह सत्ता में आती है तो राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹3000 दिए जाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जलपाईगुड़ी में रैली करते हुए TMC पर भ्रष्टाचार और घुसपैठ के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद पर सख्त कार्रवाई की है और आगे भी देशभर में घुसपैठियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें: Tamil Nadu Elections : पीएम मोदी ने नागरकोइल में रोड शो कर दिखाई NDA की ताकत
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्वी वर्धमान में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि बंगाल के लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने एक बुनकर परिवार के घर भोजन कर स्थानीय जनता से जुड़ने का संदेश भी दिया।
इस बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी मतदाताओं को वोट देने का अवसर मिले, इसके लिए होम वोटिंग जैसी सुविधाएं लागू की जा रही हैं। इसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है।
[breaking type="Breaking"]
14 अप्रैल को भेजी गई शिकायत में TMC ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस, पर्यवेक्षकों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) को निर्देश दिए गए हैं कि वे विशेष रूप से TMC नेताओं के वाहनों की जांच करें।