ग्वालियर: बंद लिफ्टों पर भड़के प्रभारी मंत्री, तुरंत ठीक कराने का प्रबंधन को दिया निर्देश, मरीजों से जाना हाल

इस दौरान प्रभारी मंत्री ने जीआरएमसी व जेएएच प्रबंधन की बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में जो आवश्यक दवाएं हैं उनका भण्डारण पर्याप्त मात्रा में रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए।
बंद लिफ्टों पर भड़के प्रभारी मंत्री, तुरंत ठीक कराने का प्रबंधन को दिया निर्देश, मरीजों से जाना हाल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ग्वालियर। 450 करोड़ रुपये की लागत से बने हजार बिस्तर अस्पताल की बंद लिफ्टें अब मरीजों के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन की चिंता बढ़ा रही है। जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट शनिवार दोपहर करीब एक बजे अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान जब उन्हें लिफ्ट बंद होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लिफ्टें तत्काल चालू कराई जाएं और जो बंद हैं, उन्हें शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    दरअसल, अस्पताल की 6 लिफ्टें एक-दो दिन से नहीं, बल्कि पिछले 20 दिनों से बंद पड़ी हैं, जिसके कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मरीजों और उनके अटेंडरों से बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

    दिसंबर में हो चुका है ठेका समाप्त

    जेएएच के प्रवक्ता मनीष चतुर्वेदी से बंद लिफ्टों को ठीक नहीं कराने का कारण जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि इसके संधारण का जो टेंडर था, वह दिसंबर 2025 में खत्म हो चुका है। अब नया टेंडर पीआईयू के माध्यम से होना है और इसका पत्र भेजा जा चुका है।

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    1100 करोड़ रुपए का जल्द मिलेगा बजट

    निरीक्षण के दौरान जब अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर मीडिया ने प्रभारी मंत्री से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि जीआरएमसी के लिए जल्द ही 1100 करोड़ रुपए का बजट मिलेगा। इसके साथ ही आउटसोर्स कंपनी के कर्मचारियों के एरियर का भुगतान व सैलरी लेट आने की समस्या का निराकरण होगा।

    दवाओं का करें भंडार- मंत्री

    इस दौरान प्रभारी मंत्री ने जीआरएमसी व जेएएच प्रबंधन की बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में जो आवश्यक दवाएं हैं उनका भण्डारण पर्याप्त मात्रा में रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। प्रभारी मंत्री ने डीन मेडिकल कॉलेज से कहा है कि अस्पताल संचालन के लिए जो भी आवश्यक उपकरण, व्यवस्थाएं जरूरी हैं, उसका विस्तृत प्रतिवेदन बनाकर प्रस्तुत करें, ताकि शासन स्तर से हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा सके। यही नहीं डीन डॉ. आर के एस धाकड़ ने हजार बिस्तर अस्पताल के संचालन में की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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