घर में जूते-चप्पल रखने का स्थान वास्तु के अनुसार बहुत महत्वपूर्ण होता है। सही जगह पर जूते-चप्पल रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, वहीं गलत दिशा में रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है, जिससे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपका घर हमेशा शांति, समृद्धि और पॉजिटिव ऊर्जा से भरा रहे, तो ये जानना बेहद जरूरी है कि कहां जूते-चप्पल रखना शुभ है और किन दिशाओं में रखना अशुभ माना जाता है।
यह दिशा सबसे पवित्र मानी जाती है, क्योंकि यहां देवताओं का वास होता है। जूते-चप्पल रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। आर्थिक संकट और परेशानियां हो सकती हैं। इसे हमेशा साफ और खाली रखें।
उत्तर दिशा में भगवान कुबेर का निवास होता है, जो धन-संपत्ति के देवता हैं। अगर इस दिशा में जूते-चप्पल रखे जाएं, तो घर में धन की कमी और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए इस दिशा को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना शुभ माना जाता है।
घर में मध्य भाग ऊर्जा केंद्र माना जाता है। यहां जूते रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे तनाव और बीमारियां हो सकती हैं।
पूर्व दिशा में सूर्यदेव का वास होता है, जो ज्ञान, ऊर्जा और उन्नति के प्रतीक हैं। यदि इस दिशा में जूते-चप्पल रखे जाएं, तो सूर्यदेव की सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है और घर में अशांति फैल सकती है।
घर में दक्षिण-पूर्व दिशा अग्निदेव के लिए मानी जाती है। इस दिशा में जूते-चप्पल रखने से घर में तनाव बढ़ सकता है और सुख-समृद्धि पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
इसके विपरीत, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशाओं में जूते-चप्पल रखना शुभ माना जाता है। पश्चिम दिशा में जूते रखने से नकारात्मक ऊर्जा नियंत्रित रहती है और घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है। दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक है। यहां जूते-चप्पल रखने से कोई वास्तु दोष नहीं होता और घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित नहीं होती।