Naresh Bhagoria
29 Nov 2025
ग्वालियर। प्रदेश के ग्वालियर में शुक्रवार को शहर के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक से पहले और दौरान सियासी गहमागहमी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार को वीआईपी गेट पर तहसीलदार द्वारा रोके जाने से उपजा विवाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शांत कराया।

दरअसल, कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार को तहसीलदार कुलदीप दुबे ने वीआईपी गेट पर रोक दिया और दूसरे गेट से जाने को कहा। इस बर्ताव से नाराज होकर विधायक लौटने लगे। तभी केंद्रीय ज्योतिरादित्य सिंधिया की नजर उन पर पड़ी। सिंधिया ने खुद विधायक से बात की उन्हें मनाया और अपने साथ बैठक में ले गए। इसके बाद विधायक सिकरवार ने इस अलग-अलग गेट की व्यवस्था पर आपत्ति जताई। कहा की भाजपा के शासन में भाजपा के विधायक व कांग्रेस विधायक के लिए अलग-अलग गेट बनाए है। यह सही नहीं है। ऐसी व्यवस्था न मैं मानता हूं न ही चलने दूंगा।
वहीं, गुना-शिवपुरी सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शहर के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। लेकिन इस महत्वपूर्ण बैठक से ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह गायब रहे, जो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के खेमे से हैं। जब सिंधिया ग्वालियर में बैठक ले रहे थे। तब ग्वालियर सांसद शिवपुरी के पोहरी में कार्यकर्ताओं की बैठक में भाग ले रहे थे। उनकी अनुपस्थिति ने सिंधिया और तोमर गुटों के बीच चल रही कथित कोल्ड वॉर को स्पष्ट कर दिया। बैठक में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण सिंह कुशवाहा और कुछ कांग्रेस पार्षद मौजूद रहे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ 11 प्रमुख विकास योजनाओं की समीक्षा की। जिनमें एलिवेटेड रोड, रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण, आगरा एक्सप्रेस-वे, वेस्टर्न बाइपास और चंबल नदी से पानी की आपूर्ति शामिल थी। उन्होंने अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक के बाद सिंधिया ने इसे सार्थक बताया और कहा कि 234 सड़कों पर काम होना है।