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Shigella Infection Alert :क्या है शिगेला संक्रमण? बच्चों में तेजी से फैल रही खतरनाक आंतों की बीमारी, जानें इसके लक्षण

शिगेला संक्रमण एक बैक्टीरियल बीमारी है जो आंतों को प्रभावित करती है। इसके प्रमुख लक्षणों में खूनी दस्त, पेट दर्द, बुखार और उल्टी शामिल हैं। यह दूषित भोजन, पानी और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है। जानिए शिगेला संक्रमण के कारण, लक्षण, इलाज, जटिलताएं और बचाव के आसान उपाय।
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क्या है शिगेला संक्रमण? बच्चों में तेजी से फैल रही खतरनाक आंतों की बीमारी, जानें इसके लक्षण

शिगेला संक्रमण एक बैक्टीरियल बीमारी है जो आंतों को प्रभावित करती है। इसे शिगेलोसिस (Shigellosis) भी कहा जाता है। यह शिगेला नामक बैक्टीरिया के कारण फैलती है और मुख्य रूप से दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होती है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों में इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है, लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।

शिगेला संक्रमण के लक्षण

संक्रमण होने के 1 से 2 दिन बाद इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। कुछ मामलों में लक्षण आने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।

मुख्य लक्षण हैं-

  • बार-बार दस्त आना
  • दस्त में खून या बलगम आना
  • पेट दर्द और ऐंठन
  • बार-बार शौच जाने की इच्छा होना
  • बुखार
  • मतली या उल्टी
  • कमजोरी और थकान

अधिकतर मामलों में लक्षण लगभग एक सप्ताह तक रहते हैं।

शिगेला संक्रमण कैसे फैलता है?

शिगेला बैक्टीरिया शरीर में पहुंचने पर संक्रमण फैलाता है। यह कई तरीकों से फैल सकता है-

संक्रमित हाथों से

संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आने के बाद हाथ अच्छी तरह न धोने से बैक्टीरिया मुंह तक पहुंच सकते हैं।

दूषित भोजन से

यदि संक्रमित व्यक्ति भोजन तैयार करे या भोजन गंदे वातावरण में तैयार किया गया हो तो संक्रमण फैल सकता है।

दूषित पानी से

गंदा या सीवेज मिला पानी पीने से संक्रमण हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के तैरने से भी पानी दूषित हो सकता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

कुछ लोगों में शिगेला संक्रमण का खतरा अधिक होता है-

  • 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे
  • स्कूल, हॉस्टल या डे-केयर जैसी जगहों पर रहने वाले लोग
  • स्वच्छ पानी और साफ-सफाई की कमी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग
  • कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीज
  • भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहने वाले लोग

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

यदि निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें-

  • खूनी दस्त
  • लगातार दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी होना
  • 39 डिग्री सेल्सियस (102°F) या उससे अधिक बुखार
  • पेट में तेज दर्द या ऐंठन
  • बार-बार उल्टी होना
  • पेशाब कम आना या बिल्कुल बंद हो जाना
  • चक्कर आना या मुंह का सूखना

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को लक्षण दिखते ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

शिगेला संक्रमण की संभावित जटिलताएं

हालांकि अधिकांश मरीज बिना किसी गंभीर समस्या के ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में जटिलताएं हो सकती हैं।

निर्जलीकरण (Dehydration)

लगातार दस्त और उल्टी से शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

दौरे पड़ना

कुछ बच्चों में तेज बुखार या संक्रमण के कारण दौरे पड़ सकते हैं।

गुदा का बाहर आना

लगातार जोर लगाने से आंत का निचला हिस्सा बाहर निकल सकता है।

हीमोलाइटिक यूरीमिक सिंड्रोम

यह दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है, जिसमें किडनी प्रभावित हो सकती है।

टॉक्सिक मेगाकोलन

आंतों में गंभीर सूजन के कारण मल और गैस बाहर नहीं निकल पाती।

प्रतिक्रियाशील गठिया

संक्रमण के कुछ सप्ताह बाद जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकती है।

रक्त संक्रमण

दुर्लभ मामलों में बैक्टीरिया रक्त में पहुंचकर गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

शिगेला संक्रमण से बचाव कैसे करें?

संक्रमण से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें-

  • साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं।
  • शौचालय जाने और डायपर बदलने के बाद हाथ जरूर साफ करें।
  • खाने से पहले हाथ धोएं।
  • दूषित पानी पीने से बचें।
  • खुले या अस्वच्छ भोजन का सेवन न करें।
  • गंदे डायपर को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें।
  • तालाब, झील या स्विमिंग पूल का पानी निगलने से बचें।
  • दस्त होने पर दूसरों के लिए भोजन तैयार न करें।

शिगेला संक्रमण की जांच कैसे होती है?

डॉक्टर मरीज के लक्षणों की जांच करते हैं और मल (स्टूल) का नमूना लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण करवाते हैं। इससे शिगेला बैक्टीरिया की पुष्टि की जाती है।

शिगेला संक्रमण का इलाज

पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें

अधिकतर मामलों में शरीर में पानी की कमी पूरी करने से मरीज ठीक हो जाता है।

ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS)

बच्चों और वयस्कों में पानी और नमक की कमी पूरी करने के लिए ORS दिया जाता है।

एंटीबायोटिक दवाएं

गंभीर संक्रमण होने पर डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं दे सकते हैं। इन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा कोर्स करना जरूरी है।

अस्पताल में भर्ती

यदि शरीर में पानी की गंभीर कमी हो जाए तो मरीज को अस्पताल में भर्ती कर नसों के जरिए तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं।

शिगेला संक्रमण एक संक्रामक आंतों की बीमारी है जो मुख्य रूप से दूषित भोजन, पानी और खराब स्वच्छता के कारण फैलती है। समय पर पहचान, पर्याप्त पानी का सेवन और साफ-सफाई का ध्यान रखकर इससे बचाव किया जा सकता है। गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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