हरसूद में रानी दुर्गावती जयंती समारोह का आगाज, निमाड़ की लोककलाओं ने बांधा समां

हरसूद। रानी दुर्गावती जयंती के चार दिवसीय समारोह की शुरुआत निमाड़ की लोककलाओं और पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। पहले दिन आयोजित ‘निमाड़ कलाओं का उत्सव’ में ठाठ्या, काठी, गणगौर नृत्य, गम्मत और भीली गायन ने दर्शकों का मनोरंजन किया। करीब ढाई घंटे तक चले रंगारंग कार्यक्रम में कलाकारों ने निमाड़ की लोक संस्कृति की झलक पेश की।
मंत्री विजय शाह ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद ‘खेती खेड़ो हरि नाम’ उत्सव में अलग-अलग क्षेत्रों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
ठाठ्या नृत्य से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत बैतूल के जनजातीय कलाकार अविनाश धुर्वे और उनके साथियों ने ठाठ्या नृत्य की प्रस्तुति से की। पारंपरिक अंदाज में पेश किए गए इस नृत्य को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद खंडवा के रामदास सक्कले की टीम ने काठी नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साह बढ़ाया।
गणगौर नृत्य और गम्मत ने जमाया रंग
खंडवा की सोनम जैन ग्रुप ने गणगौर नृत्य की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग भरे। वहीं पंधाना के अशोक भास्कर की टीम ने गम्मत की प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया।
आनंदी लाल भावेल के भीली गीतों पर झूमे दर्शक
कार्यक्रम का खास आकर्षण भीली गायक आनंदी लाल भावेल की प्रस्तुति रही। उन्होंने ‘म्हारा गांव मा’, ‘थारी म्हारी रे’, ‘हिंदला प मित भाया कावल्या लायें’, ‘काली चिड़ी उड़ी’ और ‘फूल फूल घुघरा’ जैसे गीत प्रस्तुत किए। उनकी गायकी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे अधिकारी और जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में एसडीएम आरसी खतेड़िया, एसडीओपी लोकेंद्र सिंह ठाकुर, तहसीलदार संगीता मेहतो, सीएमओ नृपत सिंह, जिला योजना समिति सदस्य संतोष सिटोके, जिला महामंत्री संतोष सोनी सहित रितेश गोयल, प्रीतम डोडवा, जलज साहू, अश्विनी शर्मा, गौरीशंकर टाले, कमल खंडेलवाल और निलेश कौशल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।




















