हरसूद में विस्थापितों का प्रदर्शन:रोजगार और पट्टों के मालिकाना हक की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
हरसूद। इंदिरा सागर बांध परियोजना से प्रभावित नया हरसूद के शिक्षित बेरोजगार विस्थापितों ने रोजगार, आवासीय, व्यावसायिक पट्टों पर मालिकाना हक सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं और लंबित मांगों के जल्द समाधान की मांग की गई।
फीलगुड चौराहे पर किया प्रदर्शन
बुधवार को नया हरसूद के शिक्षित बेरोजगार विस्थापित फीलगुड चौराहे पर इकट्ठे हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मैं भी बेरोजगार, हमारी मांगें पूरी करो जैसे संदेशों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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22 वर्षों के संघर्ष का किया जिक्र
ज्ञापन में बताया गया कि इंदिरा सागर बांध परियोजना से प्रभावित परिवार विस्थापन के बाद पिछले 22 वर्षों से पुनर्वास स्थल नया हरसूद में रह रहे हैं और लगातार अलग-अलग समस्याओं से जूझ रहे हैं। विस्थापितों ने मांग की कि पुनर्वास स्थल के प्रत्येक विस्थापित परिवार को उनके आवासीय पट्टों का पूर्ण मालिकाना हक जल्द से जल्द दिया जाए।
रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग
विस्थापितों ने पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक परिवार के शिक्षित युवाओं को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही इंदिरा सागर बांध परियोजना से प्रभावित शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हरसूद क्षेत्र में उद्योग-धंधों की स्थापना कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने की मांग की गई। ज्ञापन में संत बुखारदास बाबा सिविल अस्पताल, हरसूद में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था करने की मांग भी शामिल है।














