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मासूम आरव की हत्या का पूरा सच :टॉफी के बहाने ले गया, 30 सेकेंड में 8 बार पटका

फिरोजाबाद के चर्चित आरव हत्याकांड में अदालत ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मौत की सजा सुनाई। आरोपी ने 30 सेकेंड में डेढ़ साल के मासूम को 8 बार सड़क पर पटका था। पुलिस ने 6 दिन में चार्जशीट दाखिल की और कोर्ट ने 40 दिन में फैसला सुनाया।
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टॉफी के बहाने ले गया, 30 सेकेंड में 8 बार पटका
मासूम आरव की हत्या का पूरा सच सामने आ गया है। टॉफी के बहाने उसे ले जाकर सिर्फ 30 सेकंड में 8 बार पटक कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मौत की सजा सुनाई है। सीसीटीवी में कैद इस वारदात में आरोपी ने महज 30 सेकेंड में बच्चे को आठ बार सड़क पर पटक दिया था। पुलिस ने 6 दिन में चार्जशीट दाखिल की और अदालत ने 40 दिन के भीतर फैसला सुना दिया।

30 सेकेंड में आठ बार सड़क पर पटका

30 मई को फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित यादव कॉलोनी में आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक डेढ़ साल के आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद उसने बच्चे को महज 30 सेकेंड में आठ बार सड़क पर पटक दिया। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। गंभीर रूप से घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रेम प्रसंग के विवाद का दावा

जांच के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसका बच्चे की मां के साथ प्रेम संबंध था और वह उसे ब्लैकमेल कर रही थी। वहीं, बच्चे की मां का आरोप था कि आरोपी उससे शादी करना चाहता था और आरव को अपने रास्ते की रुकावट मानता था। इसी विवाद के चलते उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

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6 दिन में चार्जशीट, 40 दिन में फैसला

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच तेजी से पूरी करते हुए महज 6 दिन में चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई। यह फैसला घटना के 40 दिन के भीतर आया।

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परिवार ने भी नहीं किया बचाव

आरोपी के भाइयों ने बताया कि पिता की मौत के बाद उसकी पढ़ाई छूट गई थी और वह पहले टैक्सी चलाता था, बाद में परचून की दुकान खोल ली। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में उसके व्यवहार में बदलाव आया था। परिवार ने कहा कि मासूम की हत्या जैसी हैवानियत को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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