ग्वालियर। जिले में बीती रात कुछ गांवों में हुई ओलावृष्टि को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए और जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उन्हें शासन के प्रावधान अनुसार राहत प्रदान की जाए।
शनिवार को मुरार सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने शहर विकास कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्वालियर में चल रही सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में तेजी के साथ पूरा किया जाए। बैठक में जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान को जिले में जन आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि तालाबों, जल संरचनाओं और उनके कैचमेंट एरिया को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए तथा जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अंतरराज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी) के शीघ्र संचालन के लिए जनप्रतिनिधियों और बस ऑपरेटरों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि शहरवासियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकें।
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शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं पर जोर देते हुए प्रभारी मंत्री ने पेयजल आपूर्ति, सीवर संधारण और सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने की बात कही।
कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की समीक्षा करते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सख्ती बरतने और निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए नियमित सैंपलिंग पर जोर दिया। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जानकारी दी कि घाटीगांव और भितरवार क्षेत्र के कुछ गांवों में हल्की ओलावृष्टि हुई है और राजस्व विभाग द्वारा मैदानी सर्वे कार्य जारी है।