
नई दिल्ली। ज्ञानवापी मस्जिद के व्यास जी तहखाने में पूजा करने के मामले में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए तहखाने में पूजा पर रोक लगाने से मना कर दिया। अब मामले में अगली सुनवाई जुलाई में होगी।
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि तहखाने में प्रवेश दक्षिण से है और मस्जिद का उत्तर से। दोनों एक-दूसरे को प्रभावित नहीं करते। इसलिए फिलहाल नमाज और पूजा दोनों अपनी-अपनी जगहों पर जारी रहे।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ SC पहुंची मस्जिद कमेटी
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मस्जिद के तहखाने में हिंदुओं को पूजा की अनुमति देने वाले निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया। जिस पर मस्जिद पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी ने कहा कि निचली अदालत ने आदेश लागू करने के लिए 1 हफ्ते का समय दिया, लेकिन सरकार ने इसे तुरंत लागू कर दिया। हाईकोर्ट से भी हमें राहत नहीं मिली है। वहां पूजा हो रही है। सुप्रीम कोर्ट को तुरंत इस पर रोक लगाना चाहिए। यह मस्जिद के परिसर में है।
#WATCH दिल्ली: हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा, "आज सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मामले पर सुनवाई हुई…व्यास परिवार की ओर से वाराणसी जिला न्यायालय में जो आवेदन दिया गया था, जिसमें 31 जनवरी 2024 से 'व्यास का तहखाना' में पूजा करने की अनुमति दी गई थी…उसके खिलाफ मामला… pic.twitter.com/3VMvHBVAuu
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 1, 2024
बेंच ने किया सवाल?
इस पर बेंच ने मुस्लिम पक्ष के वकील से सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या तहखाने और मस्जिद में जाने का एक ही रास्ता है?, मुस्ि्जिम पक्ष के वकील ने कहा कि तहखाना दक्षिण में है और मस्जिद में जाने का रास्ता उत्तर से है। जिस पर बेंच की ओर से कहा गया कि नमाज पढ़ने और पूजा करने जाने के लिए दोनों रास्ते अलग-अलग है तो ऐसे में पूजा करने और नमाज पढ़ने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 26 फरवरी को ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में पूजा-पाठ की अनुमति देने वाले जिला अदालत के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था।
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