मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत मुआवजा वितरण में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। एक आदिवासी महिला से रिश्वत मांगने वाले पटवारी को लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कलेक्टर कार्यालय के पास की गई, जहां आरोपी महिला से ₹50 हजार ले रहा था।

जानकारी के मुताबिक, बिजावर क्षेत्र के नेगुवा गांव की रहने वाली आदिवासी महिला सगुनती से पटवारी राहुल अग्रवाल ने मुआवजा दिलाने और उसे बढ़ाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की थी। महिला का आरोप है कि पटवारी ने कुल ₹1.60 लाख की मांग की थी, जिसमें से ₹40 हजार वह पहले ही ले चुका था और बाकी के लिए लगातार दबाव बना रहा था। पटवारी महिला से कहता था कि मुआवजा उसी की वजह से मिला है, इसलिए उसे “इनाम” के तौर पर पैसे देने होंगे, वरना मुआवजा रद्द कर दिया जाएगा।
पटवारी की लगातार मांग से परेशान होकर महिला ने साहस दिखाया और सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।
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जैसे ही पटवारी कलेक्टर ऑफिस के पास महिला से ₹50 हजार की रिश्वत ले रहा था लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ट्रैफिक थाने ले जाया गया, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। लोकायुक्त टीआई रोशनी जैन के मुताबिक केन-बेतवा परियोजना के तहत प्रभावित परिवारों के 18 साल से अधिक उम्र के सदस्यों को ₹12.50 लाख का पुनर्वास पैकेज दिया जा रहा है। महिला की बेटी के खाते में यह राशि आ चुकी थी लेकिन उसी के एवज में पटवारी रिश्वत मांग रहा था।