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ग्वालियर में मौसम की मार :पेट संक्रमण, पीलिया से जूझ रहे कई मरीज अस्पताल पहुंचे, डेंगू का भी बढ़ा खतरा

डॉ विनीत ने यह भी कहा कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आते हैं। इन दिनों पेट में इंफेक्शन के केस अधिक आ रही हालांकि अभी डेंगू से राहत है।
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पेट संक्रमण, पीलिया से जूझ रहे कई मरीज अस्पताल पहुंचे, डेंगू का भी बढ़ा खतरा

पीपुल्स संवाददाता, ग्वालियर। मानसून की शुरुआत के साथ शहर में मौसमी बीमारियों का असर भी तेजी से दिखाई देने लगा है। बारिश से गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन बदलते मौसम और दूषित खानपान के कारण स्टमक इंफेक्शन,जॉन्डिस, उल्टी-दस्त और वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की संख्या में करीब 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सबसे अधिक मरीज मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स विभागों में पहुंच रहे हैं।

3450 मरीज इलाज के लिए पहुंचे

मंगलवार को जेएएच समूह की ओपीडी में करीब 3450 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष तक लंबी कतारें देखने को मिलीं। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 599 मरीज पहुंचे, जबकि पीडियाट्रिक्स विभाग में 125 बच्चों का उपचार किया गया। चिकित्सकों का कहना है कि इस समय पेट के संक्रमण, पीलिया और वायरल बीमारियों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि फिलहाल टाइफाइड और मलेरिया के मामलों में अपेक्षाकृत राहत बनी हुई है।

स्वस्थ होने में एक सप्ताह से ज्यादा समय लग रहा- डॉक्टर

विशेषज्ञ डॉक्टर की माने तो के अनुसार मानसून की शुरुआत और मौसम में बदलाव के दौरान संक्रमण बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है, जिसे मेडिकल भाषा में ट्रांजिशन पीरियड माना जाता है। इस दौरान वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय संक्रमित होने वाले मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ होने में एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग रहा है। कई मरीजों को एंटीबायोटिक दवाओं की भी आवश्यकता पड़ रही है।

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डेंगू का खतरा भी बढ़ने लगा

बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में पानी जमा होने लगा है, जिससे मच्छरों का प्रजनन बढ़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में डेंगू का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले वर्षों के आंकड़ों में डेंगू के कुल मरीजों में लगभग 65 प्रतिशत बच्चे संक्रमित पाए गए थे। स्कूल खुलने के बाद बच्चों की आवाजाही बढ़ गई है, इसलिए अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

बीमारियों से बचने यह बरतें सावधानी

  • केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
  • सड़क किनारे खुले में मिलने वाले कटे फल, चाट, गोलगप्पे और अन्य खाद्य पदार्थ खाने से बचें।
  • भोजन हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाएं।
  • खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं।
  • बच्चों को गंदे पानी में खेलने से रोकें।
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें तथा मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें।
  • बुखार, उल्टी, दस्त, पीलापन या पेट दर्द होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें।
  • बाहर का पानी या बर्फ का सेवन करने से बचें।
  • कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं विशेष सावधानी रखें।

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मेडिसिन रोग विशेषज्ञ ने दी गर्म पानी पीने की सलाह

डॉ अजय पाल सिंह, मेडिसिन रोग विशेषज्ञ के अनुसार, बारिश के मौसम में दूषित पानी और संक्रमित भोजन के कारण पेट के संक्रमण और पीलिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं। इनकों एंटीबायोटिक भी देनी पड़ रही ठीक होने में एक सप्ताह तक का समय लग रहा है। ऐसे मौसम में उबला हुआ पानी पीने, ताजा भोजन करने और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।  बिना सलाह के मेडिकल से दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।

बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ ने क्या कहा

डॉ विनीत ने यह भी कहा कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आते हैं। इन दिनों पेट में इंफेक्शन के केस अधिक आ रही हालांकि अभी डेंगू से राहत है। अभिभावक बच्चों को बाहर का जंक फूड और खुली चीजें खाने से रोकें। यदि बच्चे को लगातार बुखार, उल्टी, दस्त, सुस्ती या शरीर पर दाने दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल लेकर आएं। समय पर इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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