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जबलपुर: कीटनाशक के पेमेंट के बदले 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते पनागर नगर परिषद का उपयंत्री और दैवेभो गिरफ्तार

फिक्स डिपाजिट को रिलीज करने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी, मोल-भाव करने पर 40 हजार रुपए लेने पर तैयार हो गए और पनागर नगर परिषद कार्यालय में ही पकडे गए
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 कीटनाशक के पेमेंट के बदले 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते पनागर नगर परिषद का उपयंत्री और दैवेभो गिरफ्तार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पनागर (जबलपुर)। कीटनाशक सामग्री सप्लाई करने के बाद ठेकेदार के फिक्स डिपाजिट रिलीज करने के बदले पनागर नगर परिषद के उपयंत्री और उसके दलाल दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए जबलपुर लोकायुक्त की पुलिस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत पनागर नगर परिषद कार्यालय में ही ली गई थी। 

    ठेकेदार ने की थी रिश्वत मांगने की शिकायत

    रिश्वत मांगने की शिकायत राजेंद्र कुमार सतनामी पिता शिवपाल सतनामी निवासी जबलपुर ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में की थी। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह ठेकेदारी करता है और पनागर नगर परिषद में 2024-25 में कीटनाशक सामग्री सप्लाई का टेंडर 9 लाख 75 हजार रुपए का लिया था। यह सामग्री सप्लाई करने के बाद पहली किश्त में 90 हजार और दूसरी किश्त में 64 हजार 44 रुपए का भुगतान प्राप्त किया। इसके बाद ठेकेदार द्वारा जमा करवाए गए 48 हजार रुपए फिक्स डिपाजिट को रिलीज करने के ऐवज में नगर परिषद पनागर के उपयंत्री शुभम जैन पिता संजय जैन और उसके एजेंट बने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अभिलाष रजक ने 50 हजार रुपए मांगे।

    सत्यापन में 50 के बजाय 40 हजार लेने पर तैयार

    पुलिस अधीक्षक अंजू पटले ने शिकायत का सत्यापन करवाया। इसी दौरान आरोपी उपयंत्री और दैवेभो कर्मचारी 50 हजार के बजाय 40 हजार रुपए की रिश्वत लेने को तैयार हो गए। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस का ट्रैप दल बनाया गया, जिसमें टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृज मोहन नरवरिया एवं लोकायुक्त जबलपुर का स्टाफ शामिल करके रवाना किया गया। 

    नगर परिषद में ही रिश्वत लेते पकडे गए

    लोकायुक्त टीम ने पनागर पहुंचने के बाद नगर परिषद कार्यालय की घेराबंदी कर ली। इसके बाद फरियादी ठेकेदार राजेंद्र कुमार सतनामी से जैसे ही आरोपी उपयंत्री शुभम जैन और दैवेभो कर्मचारी आशीष रजक ने 40 हजार रुपए की रिश्वत ली, वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने पकड़ लिया। इसके बाद आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण  अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7,1213(1) बी, 13(2) एवं 61 बीएनएस के अंतर्गत कार्यवाही की गई। 

    Vijay S. Gaur
    By Vijay S. Gaur

    विजय एस. गौर, पीपुल्स समाचार में रीजनल एडीटर हैं। साथ ही राजनीति, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, खेती-किसानी,...Read More

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