ग्वालियर। इस बार दिवाली का जश्न थोड़ा फीका रह सकता है। जिला प्रशासन ने वायु प्रदूषण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटाखों को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
ग्वालियर में इस बार सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति दी गई है। इनमें फुलझड़ी, अनार और मेरून जैसे कम प्रदूषण वाले पटाखे शामिल हैं। बेरियम सॉल्ट या अन्य जहरीले रसायनों वाले पटाखे पूरी तरह बैन कर दिए गए हैं। साथ ही लड़ी वाले पटाखों का निर्माण, बिक्री और उपयोग भी पूरी तरह प्रतिबंधित है।

दिवाली की रात सिर्फ दो घंटे, यानी रात 8 से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चलाए जा सकेंगे। तय समय के बाहर पटाखा चलाने वालों पर कार्रवाई होगी। यह आदेश पूरे जिले में लागू रहेगा।
शहर के 100 से ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों में पटाखे चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इनमें अस्पताल, नर्सिंग होम, स्कूल, धार्मिक स्थल और हेल्थ केयर सेंटर्स के आसपास के 100 मीटर के दायरे शामिल हैं। इन इलाकों में नियम तोड़ने पर सीधे कार्रवाई होगी।
Amazon, Flipkart जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पटाखों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। लोग केवल प्रशासन द्वारा मान्यता प्राप्त दुकानों से ही पटाखे खरीद सकेंगे।
पटाखों की आवाज 4 मीटर की दूरी से अधिकतम 125 डेसिबल (A) से अधिक नहीं होनी चाहिए। अधिक शोर करने वाले पटाखों की बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित है।
सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के तहत दीपावली से सात दिन पहले और सात दिन बाद तक वायु गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। इस दौरान वातावरण में एलुमिनियम, बेरियम और आयरन जैसे हानिकारक तत्वों का विश्लेषण किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने पुलिस, नगर निगम, एसडीएम और पंचायत अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे सुप्रीम कोर्ट और NGT के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करवाएं और गश्त बढ़ाएं।
इस दिवाली ग्रीन पटाखों के साथ मनाएं सुरक्षित और प्रदूषण रहित त्योहार, प्रशासन की अपील है कि सभी नागरिक नियमों का पालन करें और दूसरों की खुशी और सेहत का भी ध्यान रखें।