गुना। जिला अस्पताल में शुक्रवार तड़के प्रबंधन की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। यहां ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली लोहे की मेन पाइपलाइन को नशेड़ियों ने चोरी करने के इरादे से तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि वे पाइपलाइन ले जाने में नाकाम रहे, लेकिन इस दौरान लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और अस्पताल में ऑक्सीजन लीकेज शुरू हो गया। समय रहते कर्मचारियों ने इसे देख लिया और तुरंत मरम्मत कर दी, जिससे गंभीर स्थिति बनने से बच गई।
सुबह-सुबह जब अस्पताल के कर्मचारी राउंड पर थे, तभी उन्होंने मेडिकल बिल्डिंग के पास लगी ऑक्सीजन पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त देखा। कर्मचारियों ने तत्काल इसकी जानकारी अस्पताल के सहायक प्रबंधक डॉ. सूरज सिंह को दी। इसके बाद प्रबंधन हरकत में आया और मौके पर अधिकारी पहुंच गए। टेक्नीशियन को बुलाकर पाइपलाइन की तुरंत मरम्मत कराई गई, जिससे स्थिति नियंत्रण में आ गई।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नशेड़ियों ने पाइपलाइन को इसलिए तोड़ने की कोशिश की क्योंकि यह लोहे की बनी हुई थी और वे इसे बेचकर पैसे हासिल करना चाहते थे। इस लापरवाही में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गैस का रिसाव शुरू हो गया। अगर कर्मचारियों ने समय पर ध्यान नहीं दिया होता तो कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
गुना जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट कोरोना काल के बाद स्थापित किया गया था। यह प्लांट मेडिकल बिल्डिंग और रसोई घर के सामने स्थित है। करीब 1000 एलपीएम क्षमता वाला यह प्लांट रोजाना लगभग 12 किलोलीटर ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है। अस्पताल में इस समय कई मरीज भर्ती हैं, जिन्हें लगातार ऑक्सीजन दी जा रही है। यही कारण है कि पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से बड़ी दुर्घटना की आशंका थी।
घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट और उसकी सप्लाई लाइन अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जहां चोरी या तोड़फोड़ जैसी हरकतें बड़ी जानलेवा घटना का कारण बन सकती हैं। प्रबंधन ने अब सुरक्षा को और कड़ा करने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
(रिपोर्ट - राजकुमार रजक)