चांदी के आयात पर सरकार की सख्ती:सिल्वर बुलियन अब ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में, सोने के आयात नियम भी कड़े

केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। सरकार ने चांदी की सिल्लियों (सिल्वर बुलियन) के आयात को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए उसकी स्थिति ‘मुक्त’ से बदलकर ‘प्रतिबंधित’ कर दी है। शनिवार को जारी सरकारी आदेश में कहा गया कि यह कदम देश के बाहरी आर्थिक संतुलन पर दबाव कम करने और कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
चांदी की सिल्लियों के आयात पर सख्ती
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक सरकार ने तत्काल प्रभाव से चांदी की सिल्लियों (99.9% या उससे अधिक शुद्ध) के आयात नियम बदल दिए हैं। अब सिल्वर बुलियन का आयात पहले की तरह आसान नहीं रहेगा और इसके लिए कड़े नियमों का पालन करना होगा।
सोने के आयात की सीमा तय
सरकार ने ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ (AA) योजना के तहत सोने के आयात पर भी नई सीमा तय की है। अब इस योजना के तहत अधिकतम 100 किलो सोने के आयात की अनुमति दी जाएगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर रत्न और आभूषण उद्योग के आयातकों के लिए भी सख्त अनुपालन नियम लागू किए हैं।
पहली बार आवेदन करने वालों पर खास नजर
डीजीएफटी ने पहली बार आवेदन करने वाले कारोबारियों के लिए भी नियम कड़े कर दिए हैं। अब ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ के लिए पहली बार आवेदन करने वालों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का फिजिकल इंस्पेक्शन अनिवार्य होगा। अधिकारियों द्वारा यूनिट के अस्तित्व, उत्पादन क्षमता और संचालन की स्थिति की जांच की जाएगी।
निर्यात प्रदर्शन से जोड़ा गया आयात
सरकार ने सोने के आयात की अनुमति को अब निर्यात प्रदर्शन से भी जोड़ दिया है। नई व्यवस्था के तहत अगला ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ तभी जारी होगा जब पिछले लाइसेंस के तहत तय निर्यात दायित्व का कम से कम 50% पूरा किया जा चुका हो।
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हर 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने निगरानी बढ़ाने के लिए आयातकों के लिए नई रिपोर्टिंग व्यवस्था भी लागू की है। अब ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ योजना के तहत आयात करने वाली कंपनियों को हर पखवाड़े यानी 15 दिन में एक बार परफॉर्मेंस रिपोर्ट जमा करनी होगी। यह रिपोर्ट स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा। इसमें आयात और निर्यात का पूरा ब्योरा देना होगा।
पहले ही बढ़ चुका है आयात शुल्क
केंद्र सरकार हाल ही में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर चुकी है। इसके अलावा दोनों धातुओं के आयात पर 3% IGST भी लागू किया गया था। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य गैर-जरूरी आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना है।
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रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा सोने का आयात
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात 24% से ज्यादा बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि इस दौरान सोने के आयात की मात्रा में 4.76% की गिरावट दर्ज की गई और यह 721.03 टन रही। सरकार का कहना है कि सख्त नियमों का मकसद आयात की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करना और रत्न एवं आभूषण जैसे निर्यात-आधारित उद्योगों के लिए पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है।












