Gold-Silver Price Today :सोना ₹2,854 उछलकर ₹1.53 लाख पर, चांदी भी रिकॉर्ड तेजी में ₹2.49 लाख/किलो पहुंची

सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है। 15 अप्रैल को बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम तेजी से बढ़े, जिससे निवेशकों और ग्राहकों दोनों का ध्यान इस ओर गया है। India Bullion and Jewellers Association के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 2,854 रुपये बढ़कर 10 ग्राम के लिए 1.53 लाख रुपये पर पहुंच गई है। वहीं चांदी की कीमत में तो और भी बड़ा उछाल आया है। एक किलो चांदी 12,038 रुपये महंगी होकर 2.49 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। कीमतों में इस तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है।
कुछ ही दिनों में बड़ी छलांग
अगर पिछले कुछ दिनों की बात करें तो सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिला है। 13 अप्रैल को सोने का भाव 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1.53 लाख रुपये हो गया है। इसी तरह चांदी भी 2.37 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.49 लाख रुपये तक पहुंच गई है। यानी बहुत कम समय में ही दोनों धातुओं ने बड़ा उछाल दर्ज किया है, जो बाजार के रुझान को साफ दिखाता है।
इस साल अब तक कितना महंगा हुआ सोना-चांदी
साल 2026 में अब तक सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। सोना इस साल करीब 19,754 रुपये महंगा हो चुका है। साल की शुरुआत में इसकी कीमत 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब 1.53 लाख रुपये तक पहुंच गई है। वहीं चांदी भी पीछे नहीं है। इसकी कीमत इस साल अब तक करीब 20,435 रुपये बढ़ चुकी है। 2025 के अंत में जहां चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, वहीं अब यह 2.50 लाख रुपये के करीब पहुंच गई है।
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रिकॉर्ड हाई के बाद आई थी गिरावट
दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले ही सोने और चांदी ने अपने ऑलटाइम हाई स्तर को छुआ था। 29 जनवरी के आसपास सोना 1.76 लाख रुपये तक पहुंच गया था, जबकि चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंची थी। हालांकि, इसके बाद अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते कीमतों में गिरावट भी आई। खासकर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर बाजार पर पड़ा, जिससे कीमतों में कमी देखने को मिली। इसके बाद करीब डेढ़ महीने में सोना 6 हजार रुपये से ज्यादा और चांदी 15 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती भी हुई थी।
सरकारी फैसले का भी दिख रहा असर
कीमतों में तेजी के पीछे एक बड़ा कारण सरकार का हालिया फैसला भी माना जा रहा है। सरकार ने सोने, चांदी और प्लेटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। Directorate General of Foreign Trade के नए नियम के मुताबिक, अब विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए खास लाइसेंस या अनुमति लेनी होगी। इस फैसले का सीधा असर सप्लाई पर पड़ रहा है, जिससे बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं दाम
अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि हर शहर में सोने की कीमत अलग क्यों होती है। इसके पीछे कई कारण होते हैं। एक बड़ा कारण ट्रांसपोर्ट और सिक्योरिटी खर्च है। सोने को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में खर्च बढ़ता है, जिसका असर कीमत पर पड़ता है। इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों में सोने की मांग भी अलग होती है। दक्षिण भारत में सोने की खपत ज्यादा है, जिससे वहां कीमतों का पैटर्न अलग हो सकता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन भी मांग और सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं, जिससे शहर-दर-शहर अंतर देखने को मिलता है।
सोना खरीदते समय क्या रखें ध्यान
सोने की कीमतों में तेजी के बीच अगर आप खरीदारी की सोच रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले हमेशा हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। इससे आपको सोने की शुद्धता की गारंटी मिलती है। इसके अलावा, खरीदने से पहले उस दिन का रेट जरूर चेक करें। अलग-अलग कैरेट के हिसाब से कीमत बदलती है, इसलिए सही जानकारी के साथ खरीदारी करना जरूरी है।












