अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब कमोडिटी बाजार पर साफ दिख रहा है। आमतौर पर जंग के माहौल में सोना-चांदी महंगे होते हैं लेकिन इस बार तस्वीर उलटी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दोनों कीमती एसेट में तेज गिरावट दर्ज की गई है
IBJA के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 12,077 रुपए गिरकर 1.35 लाख रुपए पर आ गया है जो इससे पहले 1.47 लाख रुपए था। वहीं एक किलो चांदी 30,864 रुपए सस्ती होकर 2.01 लाख रुपए प्रति किलो रह गई है जबकि पहले इसकी कीमत 2.32 लाख रुपए थी।
पिछले 24 दिनों में सोने की कीमतों में कुल 23,956 रुपए की गिरावट आई है। वहीं चांदी इस दौरान 65,200 रुपए तक सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट बताती है कि बाजार में दबाव लगातार बना हुआ है और निवेशकों का रुख तेजी से बदल रहा है।
सोना 31 दिसंबर 2025 को 1.33 लाख रुपए था, जो 29 जनवरी 2026 को 1.76 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। अब यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 41 हजार रुपए तक सस्ता हो चुका है।
मिडिल ईस्ट में जंग के चलते निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और अपने गोल्ड-सिल्वर को बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई है और कीमतों पर दबाव बना है।
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जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी जिससे गिरावट तेज हो गई। इसके साथ ही अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने भी कीमती मेटल की मांग को कमजोर किया है।
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सोने-चांदी के दाम अलग-अलग शहरों में ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत के कारण बदलते हैं। दक्षिण भारत में ज्यादा खपत होने से बड़े स्तर पर खरीदारी होती है, जिससे कीमतों में कुछ राहत मिलती है। स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन और ज्वेलर्स के पुराने स्टॉक का असर भी कीमतों पर पड़ता है।