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जंग का उल्टा असर!सोना-चांदी में भारी गिरावट, 53 दिन में सोना ₹41 हजार और चांदी ₹1.84 लाख टूटी

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब कमोडिटी बाजार पर साफ दिख रहा है। आमतौर पर जंग के माहौल में सोना-चांदी महंगे होते हैं।
सोना-चांदी में भारी गिरावट, 53 दिन में सोना ₹41 हजार और चांदी ₹1.84 लाख टूटी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब कमोडिटी बाजार पर साफ दिख रहा है। आमतौर पर जंग के माहौल में सोना-चांदी महंगे होते हैं लेकिन इस बार तस्वीर उलटी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दोनों कीमती एसेट में तेज गिरावट दर्ज की गई है

    ताजा कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज

    IBJA के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 12,077 रुपए गिरकर 1.35 लाख रुपए पर आ गया है जो इससे पहले 1.47 लाख रुपए था। वहीं एक किलो चांदी 30,864 रुपए सस्ती होकर 2.01 लाख रुपए प्रति किलो रह गई है जबकि पहले इसकी कीमत 2.32 लाख रुपए थी।

    24 दिन में ₹23,956 सस्ताा हुआ सोना

    पिछले 24 दिनों में सोने की कीमतों में कुल 23,956 रुपए की गिरावट आई है। वहीं चांदी इस दौरान 65,200 रुपए तक सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट बताती है कि बाजार में दबाव लगातार बना हुआ है और निवेशकों का रुख तेजी से बदल रहा है।

    रिकॉर्ड स्तर से बड़ी गिरावट

    सोना 31 दिसंबर 2025 को 1.33 लाख रुपए था, जो 29 जनवरी 2026 को 1.76 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। अब यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 41 हजार रुपए तक सस्ता हो चुका है। चांदी 2.30 लाख रुपए से बढ़कर 3.86 लाख रुपए तक पहुंची थी लेकिन अब यह घटकर 2.01 लाख रुपए रह गई है यानी करीब 1.84 लाख रुपए की गिरावट दर्ज हुई है।

    बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव

    मिडिल ईस्ट में जंग के चलते निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और अपने गोल्ड-सिल्वर को बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई है और कीमतों पर दबाव बना है।

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    मुनाफावसूली और ब्याज दरों का असर

    जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी जिससे गिरावट तेज हो गई। इसके साथ ही अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने भी कीमती मेटल की मांग को कमजोर किया है।

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    शहरों के हिसाब से कीमतों में अंतर

    सोने-चांदी के दाम अलग-अलग शहरों में ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत के कारण बदलते हैं। दक्षिण भारत में ज्यादा खपत होने से बड़े स्तर पर खरीदारी होती है, जिससे कीमतों में कुछ राहत मिलती है। स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन और ज्वेलर्स के पुराने स्टॉक का असर भी कीमतों पर पड़ता है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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