देश के बड़े और भरोसेमंद बिजनेस घरानों में शामिल गोदरेज ग्रुप में अब नई पीढ़ी की एंट्री होने जा रही है। 127 साल पुराने इस समूह ने अपने लीडरशिप बदलाव का ऐलान कर दिया है। मौजूदा चेयरमैन नादिर गोदरेज अगस्त 2026 में रिटायर होंगे और उनकी जगह पिरोजशा गोदरेज कमान संभालेंगे।
पिरोजशा गोदरेज 14 अगस्त 2026 से ‘गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप’ के चेयरपर्सन बन जाएंगे। वह फिलहाल समूह के रियल एस्टेट और वेंचर्स बिजनेस को संभाल रहे हैं और अब उन्हें पूरे ग्रुप की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। यह फैसला दिखाता है कि कंपनी अब नई सोच और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहती है।
रिटायरमेंट के बाद नादिर गोदरेज पूरी तरह अलग नहीं होंगे। उन्हें ‘चेयरमैन एमेरिटस’ बनाया जाएगा। इस भूमिका में वे कंपनी को मार्गदर्शन देते रहेंगे और अपने अनुभव से नई टीम को सपोर्ट करेंगे। उनके कार्यकाल में कंपनी ने कई अहम मुकाम हासिल किए हैं, जिन्हें अब आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी पिरोजशा पर होगी।
पिरोजशा ने साल 2004 में अपने करियर की शुरुआत की थी। उस समय कंपनी सिर्फ 2 शहरों में काम करती थी और सालाना बिक्री करीब 40 करोड़ रुपए थी। आज वही बिजनेस 10 से ज्यादा शहरों तक फैल चुका है और बिक्री 30 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है। यह बदलाव उनकी लीडरशिप और फैसलों की वजह से संभव हुआ।
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पिरोजशा का नाम सबसे ज्यादा 2016 की नोटबंदी के दौरान चर्चा में आया था। जब पूरा रियल एस्टेट सेक्टर धीमा पड़ गया था, उस वक्त उन्होंने एक दिन में ही 300 करोड़ रुपए के विला बेच दिए थे। यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई कि मुश्किल समय में भी सही रणनीति और भरोसे से बड़े नतीजे हासिल किए जा सकते हैं।
पिरोजशा ने व्हार्टन स्कूल और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने राजनीति में भी हाथ आजमाने की कोशिश की थी। उन्होंने हिलेरी क्लिंटन के साथ इंटर्नशिप की और सरकारी कामकाज का अनुभव भी लिया। हालांकि बाद में उन्होंने बिजनेस को ही अपना करियर चुना।
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इस बदलाव में सिर्फ पिरोजशा ही नहीं बल्कि अगली पीढ़ी के अन्य सदस्य भी अहम भूमिका में आ रहे हैं। नादिर गोदरेज के बेटे बुर्जिस को ‘गोदरेज एग्रोवेट’ की जिम्मेदारी दी गई है। यह साफ संकेत है कि कंपनी अब भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार कर रही है।
गोदरेज ग्रुप का कारोबार काफी बड़ा है। साबुन, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रियल एस्टेट, कृषि और केमिकल जैसे कई सेक्टर में इसकी मजबूत पकड़ है। परिवार की कुल संपत्ति करीब 1.56 लाख करोड़ रुपए आंकी जाती है। अब सवाल यही है कि नई लीडरशिप इस विशाल बिजनेस को किस दिशा में लेकर जाती है।