GIS 2025 : सीएम की निवेशकों से चर्चा जारी, डॉ. मोहन यादव ने कहा- एविएशन नीति में किए बदलाव, आयुष्मान कार्ड धारकों को मिलेगी एयर एंबुलेंस सेवा

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (जीआईएस) के दूसरे दिन भी निवेशकों के साथ चर्चाओं और विभिन्न सत्रों का सिलसिला जारी रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और निवेशकों के लिए अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। जीआईएस के पहले दिन लगभग 22 लाख 50 हजार 657 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे प्रदेश में 13 लाख 43 हजार 468 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा
मुख्यमंत्री ने डोनियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एमडी राजेंद्र अग्रवाल से वन-टू-वन चर्चा की और औद्योगिक विस्तार पर विचार साझा किया। उन्होंने केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव से मुलाकात कर कपड़ा उद्योग में रोजगार सृजन पर चर्चा की। सप्लायमैटिक (शीबा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) के प्रतिनिधियों से भी निवेश के संभावित क्षेत्रों पर बातचीत हुई।मध्य प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं : सीएम
पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए आयोजित विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, "मध्य प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इंदौर को मुंबई और दिल्ली की तरह विकसित किया जाएगा और अन्य शहरों को भी इंदौर के समान विकास का लाभ मिलेगा।" उन्होंने बताया कि एविएशन नीति में बदलाव करते हुए नियमित फ्लाइट सेवाओं पर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। जबलपुर, सिंगरौली और रीवा से भी नियमित उड़ानें शुरू हो चुकी हैं और आयुष्मान कार्ड धारकों को एयर एंबुलेंस सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।प्रदेश में घड़ियाल और गिद्धों की संख्या भी सर्वाधिक
प्रदेश की जैव विविधता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मध्य प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां चीते हैं। इसके अलावा तेंदुए, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या भी सर्वाधिक है। हाल ही में आठवां टाइगर रिजर्व प्रसिद्ध पुरातत्वविद् विष्णु वाकणकर के नाम पर स्थापित किया गया है, जबकि 9वां टाइगर रिजर्व माधव टाइगर रिजर्व आगामी 10 मार्च को शुरू होगा।"












