नई दिल्ली। अब से 5 दिन बाद साल 2025 खत्म होने जा रहा है। इससे पहले ई-कॉमर्स कंपनियां हर साल कई डिस्काउंट निकालती है। जिसमें ग्राहह बढ़-चढ़कर इस मौके का फायदा उठाते हैं। लेकिन इससे पहले ग्राहकों को एक तगड़ा झटका लगा है। गिग वर्कर्स ने 31 दिसंबर को पूरे देश में हड़ताल की घोषणा की है। इनमें अमेजन, फ्लिपकार्ट सहित ब्लिंकिट सहित कई कंपनियां शामिल है।
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स का कहना हि कि ये कर्मचारी काम की खराब स्थिति, कम कमाई, सुरक्षा की कमी सहित सामाजिक सुरक्षा के कारण विरोध कर रहे हैं। वर्कर्स ने केंद्र सहित राज्य सरकारों से मांग की है कि वे इं कंपिनयों को खुद रेगुलेट करें। वर्कर्स ने अपनी ओर से जारी बयान में 25 दिसंबर को भी हड़ताल का ऐलान किया था।
फेयर और ट्रांसपेरेंट वेतन व्यवस्था लागू की जाए, जिसमें बिना वजह कटौती और मनमानी पेनल्टी न हो।
10 मिनट डिलीवरी मॉडल को तुरंत बंद किया जाए, ताकि कामगारों की सुरक्षा से समझौता न हो।
आईडी ब्लॉक और पेनल्टी बिना तय प्रक्रिया के न लगाई जाए, हर कार्रवाई के लिए स्पष्ट नियम हों।
सुरक्षा के लिए जरूरी गियर और उपाय (हेलमेट, रेन गियर, सेफ्टी ट्रेनिंग) अनिवार्य रूप से दिए जाएं।
एल्गोरिदम आधारित भेदभाव खत्म हो, सभी वर्कर्स को बराबर और न्यायसंगत काम मिले।
सम्मानजनक व्यवहार और बेहतर वर्किंग कंडीशन सुनिश्चित की जाए, साथ ही तय समय से ज्यादा काम न कराया जाए और ब्रेक मिले।
मजबूत टेक्निकल व सोशल सपोर्ट दिया जाए, जिसमें ऐप व पेमेंट समस्याओं का समाधान और स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना कवर व पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा शामिल हो।
गिग वर्कर्स वे सभी कर्मचारियों का कहा जाता है जो काम के बदले भुगतान के आधार पर रखे जाते हैं। हालांकि कुछ वर्कर्स कम समय के लिए कंपनी से जुड़ते हैं जबकि कई वर्कर्स लंबे समय तक भी कंपिनयों के साथ काम जारी रखते हैं।