शहडोल। सोमवार देर रात जैतपुर थाना क्षेत्र में कामता तिराहा के पास गांजा तस्करों की तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इसके बाद क्षतिग्रस्त कार से निकलकर अंधेरे में भाग रहे तीन युवक एक कुएं में जा गिरे, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया गया कि कार में कुल छह लोग सवार थे। सूचना पर मंगलवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और कुएं से तीन शव बरामद किए। जिनकी शिनाख्त रोहित शर्मा, शिवम बघेल (दोनों निवासी टिकुरी टोला, बुढ़ार) और तनुज शुक्ला (शहडोल) के रूप में की गई है।
थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि क्रेटा कार से साढ़े पांच किलो गांजा भी बरामद किया गया है। हालांकि पुलिस इसे तस्करी के दौरान भागते समय हुआ हादसा बता रही है, लेकिन स्थानीय लोगों के दावों और घटनाक्रम की कड़ियों ने पुलिस की थ्योरी पर शक की सुई घुमा दी है। इस पूरी घटना में स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और चर्चाओं ने कई ऐसे बिंदु उठाए हैं जो जैतपुर पुलिस और डायल 112 को कठघरे में खड़ा करते हैं।
यदि कार पलटने के बाद डायल 112 वहां मौजूद थी, तो पुलिस टीम ने युवकों को कुएं की ओर भागता देख उन्हें बचाने का प्रयास क्यों नहीं किया? और यदि पुलिस वहां नहीं थी, तो युवक किससे डरकर भाग रहे थे?
घटना रात की बताई जा रही है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने में मंगलवार सुबह तक का इंतजार क्यों किया गया? घटनास्थल से महज 400 मीटर की दूरी पर थाना प्रभारी का आवास होने के बावजूद त्वरित कार्रवाई न होना संदेहास्पद है।
सूत्रों का कहना है कि रात 11 बजे तक पुलिस कामता तिराहे पर तैनात थी, लेकिन फिर अचानक वहां से हट गई। इसके ठीक 2 घंटे बाद डायल 112 द्वारा पीछा किए जाने पर यह हादसा हुआ। यह टाइमिंग कई सवाल पैदा करती है।
मृतकों में शामिल रोहित के बारे में कहा जा रहा है कि वह एक बड़ा अंतर्राज्यीय तस्कर था। ऐसे में पुलिस द्वारा मात्र साढ़े पांच किलो गांजा बरामद करना भी लोगों के गले नहीं उतर रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होती है या 'खाकी' अपने दागों को धोने में कामयाब रहती है?
सूचना पर मंगलवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और कुएं से तीन शव बरामद किए। बाकी कार सवारों की तलाश अभी जारी है। मामले में आगे जांच की जा रही है।
जय प्रकाश शर्मा, थाना प्रभारी, जैतपुर