Hemant Nagle
10 Jan 2026
इंदौर। एरोड्रम थाना क्षेत्र की 60 फीट रोड एक बार फिर अपराधियों के आतंक की गवाह बनी, जहां फ्री में मिठाई नहीं देने पर हिस्ट्रीशीटर बदमाशों ने खुलेआम जानलेवा हमला कर दिया। कृष्णा डेयरी के संचालक, उनके बेटे और एक कर्मचारी पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर इलाके में दहशत फैला दी गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो चुकी है, बावजूद इसके आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। घटना शुक्रवार रात 60 फिट रोड स्थित 56 दुकानों के पास बनी कृष्णा डेयरी पर हुई। जानकारी के अनुसार सुजल बारसे नामक युवक डेयरी पर पहुंचा और मिठाई लेने के बाद पैसे देने से इनकार करने लगा। संचालक द्वारा विरोध करने पर वह गाली-गलौज करता हुआ वहां से चला गया। कुछ ही देर बाद वह अपने साथी मयंक पारखे, अंकुश बारसे, राहुल बारसे और आधा दर्जन अन्य बदमाशों के साथ वापस लौटा और आते ही डेयरी संचालक और उसके बेटे पर हमला बोल दिया।
बदमाशों ने पहले लाठी-डंडों से हमला किया, फिर विवाद बढ़ने पर सुजल बारसे पास की हेयर सैलून दुकान में घुसा और वहां से उस्तरा निकाल लाया। उसने सीधे डेयरी संचालक मोहनलाल गुर्जर के गले पर वार कर दिया। खून से लथपथ मोहनलाल ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने सामूहिक हमला जारी रखा और मौके से फरार हो गए। हमले में मोहनलाल गुर्जर (45), उनका बेटा नितिन गुर्जर (22) और एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। नितिन के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि मोहनलाल के गले पर धारदार हथियार से गहरा घाव हुआ है। तीनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। टीआई तरुण भाटी सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की गई। पुलिस का दावा है कि फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर चार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। हालांकि इलाके में यह सवाल लगातार उठ रहे हैं कि जब आरोपी पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाले हैं, तो पुलिस की पकड़ अब तक उन तक क्यों नहीं पहुंची।
घटना के बाद घायल सड़क पर लहूलुहान पड़े रहे। राहगीरों ने तत्काल उन्हें 60 फिट रोड स्थित एस.एच.के. हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां तीनों का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार आरोपी लंबे समय से डेयरी पर फ्री में रबड़ी और मिठाई लेने आते थे। पहले भी फ्री में मिठाई नहीं देने पर दुकान में तोड़फोड़ और पथराव की घटना को अंजाम दिया गया था, लेकिन किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इसी रवैये का फायदा उठाकर आरोपियों ने इस बार सीधे जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मयंक पारखे घोषित हिस्ट्रीशीटर है और परदेशीपुरा क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में आरोपी रह चुका है। वह कुछ समय पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। वहीं सुजल बारसे, निवासी पंचवटी नगर, पर आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। सुजल पर एक वर्ष पूर्व 60 फीट रोड स्थित विनोद टी स्टॉल पर पेट्रोल डालकर आगजनी करने का भी आरोप है।
घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ते अपराध और पुलिस की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिस्ट्रीशीटरों का खुलेआम सड़कों पर हथियारों के साथ घूमना और व्यापारियों पर जानलेवा हमला करना, कानून व्यवस्था की पोल खोलता नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि एरोड्रम पुलिस कब तक इन आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ितों को न्याय दिला पाती है, या यह मामला भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।