Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
Naresh Bhagoria
15 Jan 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी कानूनी झटका लगा है। सोमवार को ACB-EOW कोर्ट ने चैतन्य की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। याचिका खारिज होने के बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने उनकी गिरफ्तारी की तैयारी तेज कर दी है।
EOW ने पहले ही चैतन्य की गिरफ्तारी के लिए प्रोडक्शन वारंट दाखिल किया था। उस समय चैतन्य के वकील ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अब कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद EOW दोबारा प्रोडक्शन वारंट एप्लीकेशन दाखिल करने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। तब से वे जेल में बंद हैं। ईडी का आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले, जिन्हें रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया गया।
यह मामला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। ED ने ACB को सौंपी गई FIR में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का खुलासा किया है। आरोप है कि इस घोटाले में कई बड़े राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी और कारोबारी शामिल हैं।
ED की जांच के मुताबिक तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी ए.पी. त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए यह घोटाला किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क के जरिए शराब की बिक्री और उत्पादन में हेराफेरी कर बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की गई।