त्योहारों पर सुरक्षा अलर्ट :डीजीपी मकवाणा बोले, विवादित मार्गों से परमिशन के बाद ही निकलेंगे जुलूस

डीजीपी कैलाश मकवाणा ने नवरात्र, ईद और अन्य त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के निर्देश दिए। जुलूस और शोभायात्राएं केवल गैर-विवादित मार्गों से परमिशन के बाद ही निकाली जाएंगी। प्रमुख मंदिरों, संवेदनशील क्षेत्रों और महिला सुरक्षा के लिए पुलिस विशेष सतर्क रहेगी, सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी के साथ।
डीजीपी मकवाणा बोले, विवादित मार्गों से परमिशन के बाद ही निकलेंगे जुलूस
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। प्रदेश पुलिस ने त्योहारों के समय शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियों को तेज कर दिया है। डीजीपी मकवाणा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी एडीजी, आईजी, पुलिस आयुक्त भोपाल और इंदौर रेंज, डीआईजी और सभी पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली। नवरादत्र, ईद, गुड़ी पड़वा और चैती चांद के अवसर पर डीजीपी कैलाश मकवाणा ने सभी पुलिस अधिकारियों को ज्यादा सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान निकलने वाले सभी जुलूस और शोभायात्राएं केवल पारंपरिक और गैर-विवादित मार्गों से परमिशन लेकर ही निकाली जाएंगी।

    बैठक में एडीजी (इंटेलिजेंस) ए. साईं मनोहर और डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर तरुण नायक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्यौहारों के दौरान शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है ।

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    मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी

    डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिरों में बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए ताकि श्रद्धालु व्यवधान के बिना दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसी भी प्रकार की विवादित स्थिति को पहले ही नियंत्रित किया जाए।

    सामुदायिक पुलिस के माध्यम से संवाद और समन्वय बनाए रखें

    डीजीपी ने जोर देते हुए कहा कि जिला, थाना और बीट स्तर पर शांति समितियों और नगर-ग्राम रक्षा समितियों की बैठकें पहले ही हो चुकी हैं। दोनों समुदायों के प्रतिष्ठित नागरिकों और धर्मगुरुओं से लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखा जाए। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देकर विवाद की किसी भी संभावना को समय रहते नियंत्रित किया जाए।

    महिला सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था

    त्योहारों के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। डीजीपी ने कहा कि महिलाओं के साथ कोई अभद्र व्यवहार या छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, डीजे पर आपत्तिजनक गानों के बजाए जाने पर रोक लगाने के लिए डीजे संचालकों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि उपद्रवी तत्वों की पहचान पहले ही कर ली जाए और उन पर विशेष नजर रखी जाए।

    जुलूस मार्ग और निगरानी

    जुलूस और शोभायात्राओं के मार्गों पर पुलिस विशेष निगरानी रखेगी। प्रतिबंधित आतिशबाजी के उपयोग पर कड़ी नजर रखी जाएगी। पुलिस प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी करेगी और डायल 112 को पूरी तरह मुस्तैद रखा जाएगा।

    अन्य विभागों के साथ समन्वय

    डीजीपी ने निर्देश दिए कि नगर निगम, नगर पालिका, विद्युत विभाग और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। प्रकाश व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाए। सभी थाना और चौकी प्रभारियों को दंगा-रोधी उपकरण और अन्य संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    विवादित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी

    डीजीपी मकवाणा ने कहा कि पिछले वर्षों में जहां सांप्रदायिक घटनाएं हुई हैं, वहां विशेष निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। जुलूस मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी भी की जाएगी।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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