PU Special :पति को ब्रेन ट्यूमर हुआ तो बदल गए ससुराल के तेवर, तीन बच्चों को लेकर घर से निकली मां

पल्लवी बाघेला, भोपाल। महिला के मुताबिक तीन साल पहले पति को ब्रेन ट्यूमर हुआ और बीमारी के कारण उनकी याददाश्त प्रभावित होने के बाद ससुराल वालों का रवैया बदल गया। हालात यहां तक पहुंच गए कि उसका राशन-पानी तक बंद कर दिया गया और तीन महीने तक उसने उधार लेकर बच्चों का पेट पाला। करीब एक माह पहले वह घर छोड़कर मायके वालों की मदद से भोपाल में किराए के मकान में रह रही है और बच्चों की पढ़ाई, भरण-पोषण और अपनी सुरक्षा के लिए न्याय चाहती है।
पति की बीमारी के बाद बदल गया परिवार का रवैया
महिला ने आयोग के सामने अपना दर्द बताते हुए कहा कि शादी के शुरुआती सालों में सब ठीक था और पहले उस घर में हर वक्त सब उसके नाम की माला जपते थे। तीन साल पहले पति को ब्रेन ट्यूमर होने के बाद सब कुछ बदल गया। बीमारी के कारण उन्हें कई बातें याद नहीं रहतीं और महिला का आरोप है कि ससुराल वालों ने पति को भी उसके खिलाफ कर दिया है।
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विवाद, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना बढ़ी
महिला ने कहा कि उसके पति अब उसकी बात नहीं समझते और उनके माता-पिता जो कहते हैं, वही उन्हें सच लगता है। सास-ससुर, देवर-देवरानी सभी का रवैया बदल गया और उसे घर से निकालने के लिए परिवार में विवाद कराने, झगड़ा करने और मारपीट करने जैसे आरोप लगाए गए। महिला के मुताबिक तीन साल में इतनी प्रताड़ना मिली कि आखिरकार उसे घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
राशन-पानी बंद, उधार लेकर बच्चों का पाला पेट
पीड़िता के मुताबिक हालात इतने खराब हो गए कि उसका राशन-पानी तक बंद कर दिया गया। तीन महीने तक वह आर्थिक संकट से जूझती रही और परिचितों से उधार लेकर बच्चों का खर्च चलाया। बाद में उसने नौकरी शुरू की, लेकिन ससुराल वालों का दबाव कम नहीं हुआ और उसे लगातार घर खाली करने के लिए कहा जाता रहा।
बच्चों की पढ़ाई के लिए भोपाल में किराए का मकान
मजबूरी में करीब एक महीने पहले महिला तीनों बच्चों को लेकर घर से निकल गई और मायके वालों की मदद से भोपाल में किराए का मकान लेकर रहने लगी। महिला ने कहा कि वह ससुराल वालों से विवाद नहीं चाहती, बल्कि अपने और बच्चों के लिए सुरक्षित जीवन चाहती है। तीन बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और अपनी सुरक्षा की चिंता अकेले करना उसके लिए मुश्किल हो गया है।
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बच्चों के भरण-पोषण और सुरक्षित जीवन की मांग
पीड़िता ने महिला आयोग के सामने अपने बच्चों के लिए न्याय की मांग की है। उसने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहती है कि बच्चों की पढ़ाई न रुके, उन्हें भरण-पोषण का खर्च मिले और वह अपने बच्चों के साथ सुरक्षित जीवन जी सके। महिला का कहना है कि वह विवाद नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और अपनी सुरक्षा के लिए मदद चाहती है।


















