राजगढ़। सोनाग्राफी सेंटर संचालक से डॉक्टर का नाम जुड़वाने का एप्रूवल करने के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल को लोकायुक्त पुलिस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है।
इस बारे में आवेदक हरिओम अहिरवाल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल से लिखित शिकायत की थी। आवेदक हरिओम अहिरवाल राजगढ़ में सुविधा डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से सोनोग्राफी सेंटर चलाता है। आवेदक अपने सेंटर पर एमपी आॅनलाइन के माध्यम से डॉ आकर्ष तनेजा का नाम जुड़वाना चाहता था। इसके अप्रूवल के लिए जिला चिकित्सालय राजगढ़ में पदस्थ सीएमएचओ डॉ शोभा पटेल ने 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी और नहीं देने पर अपू्रवल नहीं कर रही थीं।
लोकायुक्त को की गई शिकायत में खुलासा किया गया था कि रिश्वतखोर सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल ने रिश्वत देने का दबाव बनाया। इसके बाद पहली किश्त में 10 हजार रुपए और फिर दूसरी किश्त में 20 हजार रुपए वसूल लिए थे। इसके बाद बाकी 20 हजार रुपए की रिश्वत के लिए लगातार दबाव ड़ाल रही थी।
रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाने पर सही पाई गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर ने ट्रैप टीम का गठन किया। ट्रैप टीम में उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक आशीष भट्टाचार्य, निरीक्षक रजनी तिवारी, निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले, उप निरीक्षक मोनिका पाण्डेय, प्रधान आरक्षक नेहा परदेसी, मुकेश पटेल, आरक्षक मनमोहन साहू, यशवंत पटेल, रविंद्र शर्मा शामिल किए गए।
लोकायुक्त ट्रैप टीम ने राजगढ़ पहुंचने के बाद जिला अस्पताल के परिसर में मोर्चाबंदी कर ली। इसके बाद आवेदक हरिओम अहिरवाल रिश्वत देने सीएमएचओ के अस्पताल परिसर स्थित सरकारी आवास में गया, जहां रिश्वत लेते ही डॉ. शोभा पटेल को पकड़ लिया गया। इसके बाद आरोपिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई।