इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में रविवार शाम खूनी सनसनी फैल गई, जब मामूली विवाद के बाद बदमाशों ने एक बेकसूर इलेक्ट्रिशियन को उसके बच्चों के सामने मौत के घाट उतार दिया। गौरीनगर के जाम का बगीचा क्षेत्र में 38 वर्षीय सुरेंद्र साहू पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया गया। सीने में 2 से 3 वार कर बदमाशों ने उसे लहूलुहान कर दिया और चाकू लहराते हुए मौके से फरार हो गए। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
जानकारी के मुताबिक सुरेंद्र साहू रविवार को अपने साले कुलदीप की शादी की वर्षगांठ में शामिल होने गया था। कार्यक्रम के बाद वह अपने भतीजे प्रणव और 8 वर्षीय बेटे दक्ष के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में कुछ युवक शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे। इसी दौरान एक आरोपी ने सुरेंद्र को गाली देते हुए ‘स्टैंड ठीक कर ले’ कहा। विरोध करने पर बदमाश भड़क गए और सुरेंद्र को घेर लिया। पहले मारपीट की गई, फिर आरोपी विवेक और उसके साथियों ने चाकू निकाल लिया। दो बदमाशों ने सुरेंद्र को पकड़ लिया और तीसरे ने सीने में लगातार वार कर दिए।
हमले के बाद सुरेंद्र जान बचाने के लिए भागा, लेकिन बदमाशों ने पीछा कर उसे फिर घेर लिया। खून से लथपथ सुरेंद्र सड़क पर गिर पड़ा। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इस खूनी वारदात के वक्त सुरेंद्र का बेटा दक्ष और भतीजा प्रणव सब कुछ अपनी आंखों से देख रहे थे। प्रणव किसी तरह भागकर रिश्तेदारों को सूचना देने पहुंचा। घटना के बाद परिवार सदमे में है। सुरेंद्र अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। परिवार में 12 साल की बेटी और 8 साल का बेटा है। परिवार पहले भी त्रासदी झेल चुका है, बड़े भाई की छत से गिरकर मौत हो चुकी है। अब सुरेंद्र की हत्या ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।
रिश्तेदार आशीष के मुताबिक जब वह सुरेंद्र को बचाने पहुंचा तो बदमाशों ने उस पर भी चाकू तान दिया। उसने ईंट उठाकर मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी खुलेआम चाकू लहराते रहे। वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों का आतंक कैद हुआ है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या में 6 आरोपी शामिल थे। इनमें 3 बालिग और 3 नाबालिग हैं। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है, जबकि बाकी फरार हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस तत्काल पहुंचती तो शायद सुरेंद्र की जान बच सकती थी।
शहर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि 10 दिन के भीतर हत्या की यह पांचवीं वारदात है। इससे पहले तेजाजी नगर में शुभम नाथ, कुंदन नगर में कृष्णा उर्फ गोलू अहिरवार, राऊ में नवीन पाटीदार और लसूड़िया में ढाबाकर्मी की हत्या हो चुकी है। अब हीरानगर में सुरेंद्र की हत्या ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।