‘जनता ही हमारी असली सुरक्षा...’लालू-राबड़ी के बाद तेजस्वी ने भी लौटाई सरकारी सिक्योरिटी, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पटना। बिहार की राजनीति में सुरक्षा और सरकारी आवास को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने पटना स्थित सरकारी आवास से सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया है। इसके कुछ ही घंटों बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा लौटाने का फैसला कर लिया।
लालू परिवार का यह कदम ऐसे समय आया है जब बिहार सरकार ने हाल ही में सुरक्षा समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ सुरक्षा वापस ले ली थी। इसके साथ ही तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
राबड़ी आवास से हटी पूरी सुरक्षा
शनिवार सुबह राबड़ी देवी ने अपने 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया। आवास के मुख्य गेट से लेकर परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था हटने के बाद वहां असामान्य सन्नाटा देखने को मिला। RJD नेताओं का कहना है कि, सुरक्षा में कटौती के बाद जो व्यवस्था छोड़ी गई थी, उसका कोई औचित्य नहीं रह गया था। इसलिए विरोध के तौर पर सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेजने का फैसला लिया गया।
तेजस्वी यादव ने भी लौटाई Y+ सुरक्षा
राबड़ी देवी के फैसले के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा वापस कर दी। RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह सरकार द्वारा विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश के खिलाफ राजनीतिक संदेश है। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार सुनियोजित तरीके से लालू परिवार को निशाना बना रही है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत 4 जून को हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद हुई। बिहार सरकार ने सुरक्षा आकलन के आधार पर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ सुरक्षा हटाने का निर्णय लिया। हालांकि, दोनों नेताओं को वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई, लेकिन RJD ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
सुरक्षा कटौती के बाद क्या व्यवस्था दी गई?
राबड़ी देवी को मिली सुरक्षा
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सुरक्षा व्यवस्था |
विवरण |
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हाउस गार्ड |
BSAP के 2+8 जवान |
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महिला अंगरक्षक |
3 (सादे कपड़ों में) |
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वर्दीधारी अंगरक्षक |
3 |
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वाहन सुरक्षा |
बुलेटप्रूफ कार |
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अतिरिक्त व्यवस्था |
पायलट और स्कॉर्ट |
लालू प्रसाद यादव को मिली सुरक्षा
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सुरक्षा व्यवस्था |
विवरण |
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हाउस गार्ड |
BSAP के 2+8 जवान |
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अंगरक्षक |
2 |
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वाहन सुरक्षा |
बुलेटप्रूफ कार |
|
अतिरिक्त व्यवस्था |
पायलट और स्कॉर्ट |
परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा
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नाम |
सुरक्षा व्यवस्था |
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तेजस्वी यादव |
Y+ सुरक्षा |
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मीसा भारती |
3 बॉडीगार्ड |
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राजश्री यादव |
1 महिला अंगरक्षक |
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तेज प्रताप यादव |
सुरक्षा श्रेणी घटाकर 1 बॉडीगार्ड |
Y+ सुरक्षा क्या होती है?
भारत में सुरक्षा श्रेणियां खतरे के आकलन के आधार पर तय की जाती हैं।
- Y+ सुरक्षा की प्रमुख विशेषताएं
- कुल 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।
- 1 या 2 कमांडो शामिल रहते हैं।
- 2 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) उपलब्ध रहते हैं।
- प्रशिक्षित पुलिसकर्मी सुरक्षा घेरे का हिस्सा होते हैं।
- यह सुरक्षा Z श्रेणी के बाद सबसे महत्वपूर्ण श्रेणियों में से एक मानी जाती है।
रोहिणी आचार्य का सरकार पर हमला
राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर समर्थकों से बड़ी संख्या में राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि, सुरक्षा में कटौती परिवार को नुकसान पहुंचाने की नीयत से की गई है। रोहिणी ने कहा कि बिहार की जनता ही लालू परिवार का वास्तविक सुरक्षा कवच है और राजनीतिक प्रतिशोध की हर कार्रवाई का जवाब जनता देगी।
RJD का आरोप- विपक्ष को दबाने की कोशिश
RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि पहले लालू परिवार को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया गया और अब सुरक्षा में कटौती की गई है। उनका आरोप है कि, यह सब एक राजनीतिक रणनीति के तहत किया जा रहा है ताकि विपक्षी नेतृत्व पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि, लोकतंत्र में इस तरह की राजनीति की कोई जगह नहीं है और बिहार की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।
सरकार का जवाब- सुरक्षा समीक्षा नियमित प्रक्रिया
बिहार सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि, राज्य सरकार समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करती है और उसी आधार पर निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा वापस करना संबंधित नेताओं का व्यक्तिगत निर्णय है। सरकार का कहना है कि, किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है और सभी फैसले सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिए गए हैं।
सुरक्षा विवाद के साथ जुड़ा बंगला विवाद
सुरक्षा का मुद्दा ऐसे समय में उठा है जब लालू परिवार और बिहार सरकार के बीच सरकारी आवास को लेकर भी टकराव चल रहा है। भवन निर्माण विभाग ने हाल ही में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। सरकार ने राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड पर नया सरकारी आवास आवंटित किया है, लेकिन परिवार वर्तमान आवास छोड़ने को तैयार नहीं है।
राबड़ी देवी ने दी थी खुली चुनौती
नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने कहा था कि, वे किसी भी कीमत पर 10 सर्कुलर रोड वाला आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा था कि, अगर हटाना है तो बल प्रयोग करके हटाया जाए, लेकिन वे स्वेच्छा से घर नहीं छोड़ेंगी।
सम्राट चौधरी का जवाब
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि, सरकारी बंगला किसी की निजी संपत्ति नहीं है और लोकतंत्र में सरकारी आवास नियमों के अनुसार ही आवंटित किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवास खाली कराया जाएगा।
10 सर्कुलर रोड क्यों है खास?
10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं बल्कि पिछले दो दशकों से राजद की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा है।
इस आवास से जुड़ी खास बातें-
- लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का राजनीतिक केंद्र।
- तेजस्वी और तेज प्रताप यादव का राजनीतिक सफर यहीं से शुरू हुआ।
- कई महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले इसी आवास से लिए गए।
- राजद की रणनीतिक बैठकों का प्रमुख स्थान रहा है।
लालू परिवार की सुरक्षा कटौती: पूरा घटनाक्रम
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तारीख |
घटनाक्रम |
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4 जून |
सुरक्षा समीक्षा के बाद Z+ सुरक्षा हटाई गई |
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5 जून |
RJD ने फैसले का विरोध शुरू किया |
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6 जून सुबह |
राबड़ी देवी ने सभी सुरक्षाकर्मी लौटाए |
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6 जून दोपहर |
तेजस्वी यादव ने Y+ सुरक्षा वापस की |
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वर्तमान |
सुरक्षा और बंगला विवाद पर राजनीतिक टकराव जारी |











