PU Special :बहू ने जोड़ा 16 साल से टूटा रिश्ता, अब सास का कराएगी गृह प्रवेश

पल्लवी वाघेला, भोपाल। कहते हैं कि बहू सिर्फ एक घर में नहीं आती, बल्कि वह रिश्तों को भी जोड़ सकती है। भोपाल में इसका एक भावुक उदाहरण सामने आया है। यहां एक नई-नवेली बहू की पहल, समझाइश और अपनत्व ने 16 साल से अलग रह रहे उसके सास-ससुर को फिर से साथ ला दिया। मध्यस्थता केंद्र में करीब तीन महीने की काउंसलिंग के बाद दंपति ने साथ रहने का फैसला किया है। अब यह परिवार सोमवार को एक नई शुरुआत करने जा रहा है। श्रावण के सोमवार को सास-ससुर साथ रुद्राभिषेक करेंगे और नई बहू अपनी सास का गृह प्रवेश कराएगी।
30 साल की शादी, 16 साल से अलग रह रहे थे दंपति
जानकारी के अनुसार कोलार क्षेत्र निवासी इस दंपति की शादी को करीब 30 साल हो चुके हैं। लेकिन पिछले 16 साल से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। छोटी-छोटी तकरार, आपसी मतभेद और परिवारों के हस्तक्षेप ने धीरे-धीरे विवाद को इतना बढ़ा दिया कि मामला अदालत तक पहुंच गया। पत्नी ने पति के खिलाफ भरण-पोषण का केस लगाया था। वहीं, पति ने बेटे की कस्टडी अपने पास रखी और भरण-पोषण देना शुरू कर दिया। दोनों के बीच बातचीत लगभग पूरी तरह बंद हो गई थी। वे केवल बेटे को एक-दूसरे के पास लाने-ले जाने के दौरान ही मिलते थे।
ये भी पढ़ें: कलयुगी पोते की खौफनाक करतूत, रोक-टोक से नाराज होकर घोंट दिया 80 वर्षीय दादा का गला
बेटे की शादी के बाद बहू ने महसूस किया परिवार का सूनापन
बीते साल दिसंबर में उनके बेटे की शादी हुई। बेटे की यह लव मैरिज थी। शादी के बाद नई बहू ने महसूस किया कि परिवार दो हिस्सों में बंटा हुआ है। बहू ने बताया कि उसे घर में सूनापन महसूस होता था और उसे अपनी सास की कमी खटकती थी। शादी के दौरान उसकी मुलाकात सास से हुई थी और उसे वह बेहद अच्छी लगी थीं। ऐसे में वह यह स्वीकार नहीं कर पा रही थी कि परिवार के सदस्य इतने वर्षों तक अलग-अलग रहें। इसके बाद बहू ने दोनों को साथ लाने की पहल शुरू की।
सास-ससुर से अलग-अलग की बात, फिर पहुंचाया मध्यस्थता केंद्र
बहू ने पहले अपनी सास और ससुर से अलग-अलग बातचीत की। उसने दोनों को समझाने की कोशिश की कि इतने वर्षों की दूरी के बावजूद रिश्ते को दोबारा जोड़ा जा सकता है। इसके बाद अपने एक परिचित की मदद से उसने शाहपुरा क्षेत्र स्थित मध्यस्थता केंद्र में दोनों की काउंसलिंग करवाई। यहां पति-पत्नी के पुराने गिले-शिकवे सुने गए और उन्हें समझाया गया कि उम्र के इस पड़ाव पर अदालत और विवाद से ज्यादा जरूरी एक-दूसरे और परिवार का साथ है। करीब तीन महीने तक चली काउंसलिंग का धीरे-धीरे असर हुआ। बातचीत और समझाइश के बाद दोनों ने अपने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर साथ रहने का निर्णय लिया।
सोमवार को रुद्राभिषेक, फिर बहू कराएगी गृह प्रवेश
अब दंपति ने साथ नए जीवन की शुरुआत के लिए श्रावण के सोमवार का दिन चुना है। इस दिन दोनों साथ मिलकर रुद्राभिषेक करेंगे। इसके बाद नई बहू अपनी सास का गृह प्रवेश कराएगी। 16 साल की दूरी के बाद परिवार के लिए यह पल बेहद खास होगा। दंपति ने माना कि इतने वर्षों में दोनों ने अपने ईगो को रिश्ते से ज्यादा महत्व दिया। उनका कहना है कि बहू के प्रेम, धैर्य और समझदारी ने उनके परिवार को दोबारा जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
ये भी पढ़ें: रायसेन: प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पुलिस ने की तैयारी, रेस्क्यू बोट का ट्रायल
कानून से पहले संवाद और अपनापन भी जरूरी
मध्यस्थता केंद्र की निदेशक प्रतिभा राजगोपाल के अनुसार, रिश्तों को जोड़ने में कई बार कानून से ज्यादा संवाद, सम्मान, मनोविज्ञान और अपनापन काम करता है। परिवार के एक सदस्य की पहल कैसे वर्षों से चली आ रही दूरी को खत्म कर सकती है, भोपाल का यह मामला इसका सार्थक उदाहरण है।












