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गुना। जिले के आरोन थाना क्षेत्र के गेहूंखेड़ा गांव में शनिवार शाम जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक वारदात के बाद देर रात हालात तनावपूर्ण हो गए। विवाद में घायल शिक्षक की मौत के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने आरोन-सिरोंज स्टेट हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने साफ तौर पर प्रशासन के सामने मांग रखी कि जब तक हमलावरों के घरों पर बुलडोजर नहीं चलाया जाएगा, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर किशोर कन्याल और पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी देर रात मौके पर पहुंचे। वहीं अब तक पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

इधर, रविवार 12 बजे के करीब फिर परिजनों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। जिसके बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पर मौके पर पुलिस और प्रशासन पहुंचा। उल्लेखनीय है कि हमले में घायल हुए शिक्षक ब्रह्मदास अहिरवार (50) को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था, जहां से उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया। परिजन जब तक उन्हें बाहर ले जाते, तब तक उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक के बेटे और वेयर हाउस में कार्यरत एक कर्मचारी को भी गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
मामला गेहूंखेड़ा गांव की एक बीघा जमीन से जुड़ा है, जिस पर मृतक शिक्षक ब्रह्मदास अहिरवार का लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि गांव के ही पूर्व सरपंच रघुवीर कोरी और उसके साथी वीर सिंह, भद्दू, अमर सिंह, दिमान सिंह, लखन, संतोष, कमल सिंह, सोनू व रवि ने शनिवार दोपहर को शिक्षक पर उस वक्त जानलेवा हमला कर दिया जब वे स्कूल से लौटकर गांव के बाहर स्थित अपने वेयरहाउस पर बैठे थे। हमलावरों ने फरसे, लुहांगी और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए, जिसमें ब्रह्मदास और अन्य दो लोग बुरी तरह घायल हो गए।

बताया गया है कि ब्रह्मदास द्वारा पूर्व में विवादित जमीन पर सीमांकन की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई थी, जिसमें जमीन उन्हीं के नाम पर पाई गई और प्रशासन द्वारा कब्जा भी दिलाया गया। बावजूद इसके, विपक्षी पक्ष बार-बार उस पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा था। शनिवार को इस जमीन को लेकर विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। शनिवार देर शाम जब शिक्षक का शव गांव लाया गया, तो बड़ी संख्या में समाजजन एकत्र हो गए और उन्होंने स्टेट हाईवे को जाम कर दिया।
लोगों की मांग है कि जिस तरह अन्य मामलों में बुलडोजर कार्रवाई की जाती है, उसी तरह आरोपियों के घरों पर भी प्रशासन तत्काल कार्रवाई करें। इस दौरान मौके पर एसडीएम, एसडीओपी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाल। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जांच के बाद यदि कोई अवैध निर्माण पाया गया, तो उस पर भी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल, गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
(इनपुट – राजकुमार रजक)