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कूनो में फिर खुशखबरी :कूनो में फिर खुशखबरी : गामिनी ने तीन नहीं चार शावकों को दिया था जन्म, अब परिवार में 39 चीते

कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी ने एक और चीते को जन्म दिया है। दरअसल, गामिनी ने 10 दिन पहले चार शावकों को जन्म दिया था, लेकिन उस दौरान तीन शावकों को जन्म देने की ही जानकारी सामने आई थी।
कूनो में फिर खुशखबरी : गामिनी ने तीन नहीं चार शावकों को दिया था जन्म, अब परिवार में 39 चीते
फाइल फोटो
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। कूनो अभयारण्य में मादा चीता गामिनी ने चौथे शावक को जन्म दिया। इस शावक का जन्म भी 10 दिन पहले हो गया था, हालांकि जानकारी शुक्रवार को सामने आई। इस तरह अब चीतों की कुल संख्या 39 हो गई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय अभयारण्य में चौथे शावक को जन्म दिया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में जानकारी दी।

    चारों शावक स्वस्थ्य हैं

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कूनो राष्ट्रीय अभयारण्य में मादा चीता गामिनी द्वारा चौथे शावक को जन्म देने की घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है। क्षेत्र और पशु चिकित्सा टीमों द्वारा गहन निगरानी के दौरान चौथे शावक की उपस्थिति की पुष्टि हुई।' उन्होंने कहा, चारों शावक फिलहाल स्वस्थ हैं और ठीक हैं। भारत में चीतों की संख्या अब 39 हो गई है, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं।

    सितंबर 2022 में शुरू हुई थी योजना

    दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से दौड़ने वाले स्थलीय जानवर चीता को भारत को फिर से बसाने की योजना सितंबर 2022 में शुरू की गई। योजना के तहत दक्षिण अफ्रीका से गामिनी को लाया गया था। उस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जन्मदिन 17 सिंतबर को चीतों को बाड़े में रिलीज किया था।

    कल लाए जाएंगे 8 चीते

    मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शनिवार 28 फरवरी को सुबह अफ्रीका से आठ नए चीते लाए जाएंगे। इसके साथ ही चीतों की संख्या 47 हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव इन चीतों को कूनो में बनाए गए विशेष बाड़ों में छोड़ेंगे। ये बाड़े फिलहाल उनके प्रारंभिक पृथकवास के लिए तैयार किए गए हैं, जहां लगभग एक माह तक उनकी स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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