शेखपुरा का यह मामला सोशल मीडिया के दौर में फैलने वाली गलत जानकारी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। यूपीएससी में सफलता का झूठा दावा कर सम्मान और लोकप्रियता पाने की कोशिश करने वाले रंजीत यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार रंजीत यादव बिहार के शेखपुरा जिले के महुली थाना क्षेत्र के चेवाड़ा प्रखंड स्थित फतेहपुर गांव का रहने वाला है। हाल ही में घोषित यूपीएससी के परिणाम के बाद उसने खुद को सफल अभ्यर्थी बताते हुए 440वीं रैंक प्राप्त करने का दावा किया था। उसने यह भी कहा कि आईपीएस के लिए चुना गया है। इस खबर के फैलते ही स्थानीय स्तर पर लोग उसे बधाई देने लगे और कई जगहों पर सम्मान समारोह भी आयोजित किए गए।
ये भी पढ़ें: IPL 2026 : ये टीमें IPL के बीच इंटरेशनल मैच खेलेगी, देखें पूरा शेड्यूल
रंजीत यादव के इस दावे के बाद इलाके में कई कार्यक्रमों में उसे सम्मानित किया गया। पूर्व विधायक विजय सम्राट्, स्थानीय मुखिया सरफराज, और महुली थाना अध्यक्ष राम प्रवेश भारती ने भी उसे बधाई देते हुए सम्मानित किया था। इसी दौरान उसके कई मोटिवेशनल वीडियो और इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। इन वीडियो में वह युवाओं को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने की सलाह देता हुआ दिखाई दे रहा था।
हालांकि कुछ लोगों ने जब यूपीएससी परिणाम की ऑफिशियल लिस्ट की जांच की तो पाया कि रंजीत यादव का नाम उसमें मौजूद ही नहीं है। असली अभ्यर्थी कोई और था, जबकि रंजीत ने झूठा दावा कर लोगों को भ्रमित किया था। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को शेखपुरा शहर के कॉलेज मोड़ से गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।