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Eye Discharge Causes :सुबह चिपकी-चिपकी लगती हैं आंखें? नॉर्मल समझकर न करें इग्नोर... हो सकता है बड़ी बीमारी का संकेत

सुबह आंखों में चिपचिपा पदार्थ दिखना आम हो सकता है, लेकिन कई बार यह संक्रमण या आंखों की बीमारी का संकेत भी होता है। इस खबर में जानिए इसके कारण, लक्षण, कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है और घर पर देखभाल के सही तरीके। आंखों की सेहत को नजरअंदाज न करें, समय रहते पहचान जरूरी है।
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सुबह चिपकी-चिपकी लगती हैं आंखें? नॉर्मल समझकर न करें इग्नोर... हो सकता है बड़ी बीमारी का संकेत
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हेल्थ डेस्क। सुबह उठते ही जब आंखें खुलने में थोड़ी मुश्किल होती है या कोनों में चिपचिपा, सूखा या पपड़ी जैसा पदार्थ नजर आता है, तो ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या यह हमेशा सिर्फ आंखों की मैल होती है? विशेषज्ञों का कहना है कि, कई बार यह शरीर का एक सामान्य सफाई तंत्र होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह आंखों से जुड़ी गंभीर समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। यही वजह है कि इस छोटे से बदलाव को समझना बेहद जरूरी हो जाता है।

    क्या होती है आंखों की मैल (Eye Crust)?

    सुबह आंखों में जमा होने वाला यह पदार्थ असल में एक तरह का डिस्चार्ज होता है, जिसे मेडिकल भाषा में रियम (Rheum) कहा जाता है। यह आंसू, म्यूकस और मृत कोशिकाओं का मिश्रण होता है। दिनभर आंखें पलक झपकने के जरिए खुद को साफ करती रहती हैं, लेकिन रात में जब हम सोते हैं, तो यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में यह डिस्चार्ज आंखों के कोनों में जमा होकर सुबह मैल या क्रस्ट के रूप में नजर आता है। यह सफेद, हल्का पीला या कभी-कभी पानी जैसा भी हो सकता है।

    नींद और आंखों का कनेक्शन

    जब हम जागते हैं, तो पलकें बार-बार झपकती हैं, जिससे आंखों की सफाई होती रहती है। लेकिन सोते समय पलकें बंद रहती हैं और झपकना बंद हो जाता है। इस दौरान भी आंखों की सफाई की प्रक्रिया चलती रहती है, लेकिन बाहर निकलने वाला पदार्थ जमा होता जाता है। सुबह उठते ही यही जमा हुआ पदार्थ मैल के रूप में दिखाई देता है। इसलिए हल्की मात्रा में मैल होना बिल्कुल सामान्य माना जाता है।

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    जब यह मैल बन जाए परेशानी... संभावित कारण

    1. आंसू की नली में ब्लॉकेज

    अगर आंसू सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाते, तो आंखों में पानी जमा होने लगता है। इससे चिपचिपा डिस्चार्ज बढ़ सकता है। इस स्थिति में आंखों में लालिमा, सूजन और गाढ़ा पीला या हरा पदार्थ दिख सकता है।

    2. एलर्जी (Allergic Conjunctivitis)

    धूल, पालतू जानवरों के बाल, धुआं या मौसम में बदलाव से एलर्जी हो सकती है। इसमें आंखों में खुजली, पानी आना और हल्की मैल जमा होना आम है। कई लोगों में यह समस्या मौसम के साथ बढ़ जाती है।

    3. इंफेक्शन (Conjunctivitis)

    अगर आंखों से ज्यादा मात्रा में गाढ़ा, पीला या हरा डिस्चार्ज निकल रहा है, तो यह बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। इसे आम भाषा में पिंक आई भी कहा जाता है। इसके साथ आंखों में जलन, दर्द और रोशनी से परेशानी भी हो सकती है।

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    4. ब्लेफराइटिस (पलकों की सूजन)

    इस समस्या में पलकों के किनारों पर सूजन और पपड़ी जम जाती है। इससे आंखों में बार-बार चिपचिपा पदार्थ बनता है और पलकें आपस में चिपक सकती हैं।

    5. ड्राई आई सिंड्रोम

    जब आंखों में नमी की कमी होती है, तो शरीर म्यूकस ज्यादा बनाता है। इससे आंखों के कोनों में चिपचिपा पदार्थ जमा हो सकता है। इसके साथ जलन, चुभन और धुंधला दिखना भी आम लक्षण हैं।

    6. स्टाई (आंख की फुंसी)

    अगर पलक पर दर्दनाक फुंसी हो और उसके साथ पीला डिस्चार्ज निकले, तो यह स्टाई का संकेत हो सकता है। यह आमतौर पर बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है।

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    नॉर्मल vs खतरे का संकेत

    स्थिति

    लक्षण

    क्या करना चाहिए

    सामान्य मैल

    हल्का, सफेद या पारदर्शी

    घर पर साफ करें

    एलर्जी

    खुजली, पानी, हल्की मैल

    एलर्जी से बचें, जरूरत पर दवा

    इंफेक्शन

    गाढ़ा पीला/हरा डिस्चार्ज

    डॉक्टर से संपर्क करें

    ब्लॉकेज

    सूजन, लगातार पानी

    जांच जरूरी

    ड्राई आई

    जलन, धुंधलापन

    आई ड्रॉप्स उपयोग करें

    कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है?

    कुछ लक्षण ऐसे होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है-

    • आंखों में तेज दर्द
    • ज्यादा सूजन या लालिमा
    • धुंधला दिखाई देना
    • रोशनी से परेशानी
    • गाढ़ा पीला या हरा डिस्चार्ज

    अगर ये लक्षण दिखें, तो तुरंत आंखों के विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

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    घर पर कैसे करें सही देखभाल?

    अगर समस्या हल्की है, तो आप कुछ आसान उपाय अपनाकर राहत पा सकते हैं-

    • गुनगुने पानी में साफ कपड़ा भिगोकर आंखों को धीरे-धीरे साफ करें।
    • सीधे हाथों से आंखों को रगड़ने से बचें।
    • जरूरत होने पर आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।
    • आंखों को साफ और हाइड्रेट रखें।

    इससे आंखों की सफाई भी होगी और आराम भी मिलेगा।

    हाइजीन है सबसे बड़ा बचाव

    आंखों से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए साफ-सफाई बेहद जरूरी है-

    • आंखों को छूने से पहले हाथ धोएं।
    • सोने से पहले चेहरा साफ करें।
    • मेकअप पूरी तरह हटाएं।
    • कॉन्टैक्ट लेंस का सही इस्तेमाल करें।

    ये आदतें आपको कई गंभीर समस्याओं से बचा सकती हैं।

    क्या कभी-कभी ज्यादा मैल भी सामान्य है?

    कुछ लोगों में मौसम, एलर्जी या नींद की गुणवत्ता के कारण कभी-कभी ज्यादा मैल बन सकती है। यह हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होता। लेकिन अगर यह समस्या रोजाना हो रही है या इसके साथ अन्य लक्षण भी जुड़ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।

    सुबह आंखों में मैल दिखना एक आम बात हो सकती है, लेकिन हर बार इसे हल्के में लेना सही नहीं है। यह आपके शरीर का एक संकेत भी हो सकता है कि आंखों को ज्यादा देखभाल की जरूरत है। अगर समय रहते सही पहचान और इलाज किया जाए, तो बड़ी समस्या से बचा जा सकता है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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