बिजावर। जनपद पंचायत बिजावर में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला पंचायत छतरपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बिजावर जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजना नागर सहित चार कर्मचारियों को 13,26,105 रुपये की वसूली का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसे फैसले से जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जांच में यह पाया गया कि ग्राम पंचायत अनगौर में 'नंदन फलोद्यान' कार्यों के लिए जारी की गई राशि में भारी अनियमितता बरती गई है। जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार
फर्जी हस्ताक्षर- सरपंच और सचिव के बयान के अनुसार, भुगतान देयकों पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं।
नियमों का उल्लंघन- बिना सहायक यंत्री के माप सत्यापन और बिल सत्यापन के ही पोर्टल पर बिल फीड कर भुगतान कर दिया गया।
जानबूझकर लापरवाही- बिजावर जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी के संज्ञान में यह बात थी कि मौके पर कार्य नहीं हुआ है, इसके बावजूद 1 अगस्त 2025 को पोर्टल से भुगतान जारी कर दिया गया।इन जिम्मेदारों से होगी समान वसूली
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया के इस निर्णय की सराहना हो रही है क्योंकि उनके कार्य करने की शैली में पारदर्शिता साफ दिखती है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिले में कहीं भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कड़ी चेतावनी : पदीय कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध धारा 92 के तहत प्रकरण दर्ज कर राशि वसूली जाएगी।
निलंबन और सेवा समाप्ति भ्रष्टाचार सिद्ध होने पर संबंधितों को निलंबित करने और संविदा कर्मियों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
स्थानीय स्तर पर यह चिंता जताई जा रही है कि यदि दोषी अधिकारी अपने पदों पर बने रहते हैं, तो वे भविष्य में पंचायत रिकॉर्ड और गवाहों पर दबाव बना सकते हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इन्हें पदों से हटाने और धोखाधड़ी के इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की मांग प्रबल हो रही है। वहीं इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 06 जनवरी 2026 को जिला पंचायत कार्यालय छतरपुर में होगी, जहाँ सभी संबंधितों को मूल अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया गया है।
इनपुट- (रवि बरसाइयां)