EPF Interest Rate:7 करोड़ कर्मचारियों को बड़ी राहत, PF पर फिर मिलेगा 8.25% ब्याज; जून में खाते में आएगा पैसा

देश के 7 करोड़ से अधिक नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.25% ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कर्मचारियों को अपनी पीएफ जमा राशि पर लगातार तीसरे साल समान दर से रिटर्न मिलता रहेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही करोड़ों खाताधारकों के PF खातों में ब्याज की राशि जमा की जाएगी।
जून में शुरू होगी ब्याज जमा करने की प्रक्रिया
श्रम मंत्रालय के निर्देश के बाद EPFO जून 2026 के दौरान ही सदस्यों के खातों में ब्याज की रकम क्रेडिट करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इस बार संगठन ने एक नया डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया है जिससे ब्याज की राशि पहले की तुलना में तेजी से खातों में पहुंच सकेगी। बताया जा रहा है कि प्रक्रिया शुरू होते ही पात्र खाताधारकों के अकाउंट में ब्याज की रकम सीधे जमा हो जाएगी और उन्हें लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
सरकार के इस फैसले से देशभर के 7 करोड़ से ज्यादा EPFO सदस्यों को सीधा लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग का बड़ा हिस्सा EPF में जमा होता है और उस पर मिलने वाला ब्याज उनकी भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाता है।
मार्च में हुई थी ब्याज दर तय
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर का प्रस्ताव 2 मार्च 2026 को हुई EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक में तय किया गया था। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 8.25% ब्याज दर बनाए रखने का फैसला लिया गया था। इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया था जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।
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लगातार तीसरे साल नहीं बदली ब्याज दर
EPFO ने लगातार तीसरे वर्ष ब्याज दर को 8.25% पर बरकरार रखा है। इससे पहले मार्च 2022 में ब्याज दर घटाकर 8.10% कर दी गई थी, जो लगभग चार दशक का सबसे निचला स्तर था। इसके बाद 2023-24 में ब्याज दर बढ़ाकर 8.25% की गई थी और 2024-25 में भी इसे यथावत रखा गया। अब 2025-26 के लिए भी यही दर लागू रहेगी।
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कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है EPF?
EPF नौकरीपेशा कर्मचारियों की दीर्घकालिक बचत और रिटायरमेंट सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं जबकि सरकार इसकी गारंटर होती है। इसी वजह से EPF को सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है। 8.25% की ब्याज दर मौजूदा समय में कई पारंपरिक निवेश विकल्पों की तुलना में आकर्षक मानी जा रही है, जिससे कर्मचारियों को अपनी बचत पर बेहतर रिटर्न मिलता रहेगा।












