भोपाल। राजधानी भोपाल के इंद्रपुरी सी सेक्टर में हुई युवा इंजीनियर उदित गायकी की मौत अब कानूनी प्रक्रिया के अहम मोड़ पर पहुंच गई है। दो पुलिस आरक्षक संतोष बामनिया और सौरभ आर्य पर अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इस बहुचर्चित प्रकरण की सुनवाई 10 मार्च से शुरू होगी। उदित, जो वर्ष 2025 में अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके थे, बेंगलुरू में नौकरी की तलाश कर रहे थे। घटना से महज दो दिन पहले वे अपने जरूरी दस्तावेज लेने बेंगलुरू से भोपाल आए थे।
9-10 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात उदित पहले आष्टा में दोस्तों से मिले और फिर भोपाल में अन्य मित्रों के साथ इंद्रपुरी क्षेत्र में पार्टी की। रात करीब डेढ़ बजे जब वे घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। कार स्टार्ट करते ही पीछे से बाइक पर आए दोनों पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन बाहर निकाल लिया और कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की। दोस्तों के अनुसार मारपीट के दौरान उदित को उल्टियां होने लगीं और वे बेहद घबराए हुए थे। उन्हें उनके दोस्तों द्वारा कार की पिछली सीट पर लिटाकर बचाने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ ही देर में उनकी सांसें थम गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि घटना से पहले आरोपियों ने 10 हजार रुपए की मांग की थी और इनकार करने पर यह हिंसा हुई।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि उदित की मौत मारपीट से लगी गंभीर चोटों के कारण हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके पैंक्रियाज पर गहरी चोट पहुंची थी, जो जानलेवा साबित हुई। इस खुलासे के बाद परिजनों और मित्रों में आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर 10 मार्च से शुरू होने वाली सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत में सच और जिम्मेदारी तय होगी। उल्लेखनीय है कि उदित बालाघाट के डीएसपी के साले थे और अपने परिवार के इकलौते बेटे थे।