
अनूपपूर। भोलगढ़ जंगल में जंगली हाथी ने परिवार पर अचानक हमला कर दिया। हमले में 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई और पति-बेटा घायल हैं। घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन मौके पर पहुंचा। आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क किया गया है।
जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में रविवार दोपहर एक जंगली हाथी ने परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक 30 वर्षीय महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके पति और 6 वर्षीय बेटे को हाथी ने उठाकर पटक दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतका के पिता मानसिंह ने बताया कि, भोलगढ़ निवासी समयलाल पाव का परिवार रविवार को चटुआ गांव के पास स्थित अपने खेत पर गया था। दोपहर करीब 3 बजे परिवार के 6 सदस्य जंगल के रास्ते वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में घात लगाकर खड़े एक जंगली हाथी ने अचानक हमला बोल दिया। हाथी ने मेरी बेटी प्रेमवती पाव (30 वर्ष) को कुचलकर मार डाला।
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बचाव की कोशिश कर रहे प्रेमवती के पति राममनोज पाव (32 वर्ष) और उसके 6 वर्षीय मासूम पुत्र दीपक पाव को भी हाथी ने अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जुटे और वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को रेस्क्यू किया और निजी वाहन से जिला अस्पताल अनूपपुर में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। इस दौरान परिवार और ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोग सहम गए। वन अमले ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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घटना के बाद हाथी काफी देर तक मृतका के शव के पास ही खड़ा रहा। ग्रामीणों द्वारा शोर करने के बाद वह जंगल की ओर चला गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। वन विभाग ने हाथी की मौजूदगी को देखते हुए भोलगढ़, चटुआ, खांड़ा, पौड़ी, मानपुर, बरबसपुर और सोनटोला सहित आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है। लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों को सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएफओ और वन अमले ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय घरों से बाहर न निकलें। जंगल के रास्तों का उपयोग करने से बचें और हाथी दिखने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को समूह में चलने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने को कहा गया है। वन विभाग हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा के सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।