पीपुल्स संवाददाता। ब्रजेश्वरी कॉलोनी में हुए भीषण अग्निकांड, जिसमें 8 लोगों की जान चली गई, अब उसकी असली वजह को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। शुरुआती जांच में जहां इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग को आग की वजह माना जा रहा था, वहीं अब बिजली कंपनी ने साफ इनकार कर दिया है कि खंभे पर किसी तरह का शॉर्ट सर्किट हुआ था। इस बयान के बाद पोल से आग लगने की थ्योरी लगभग खारिज होती नजर आ रही है और हादसे की वजह को लेकर जांच और उलझ गई है।
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। शुक्रवार को मृतक मनोज के पड़ोसी सुरेंद्र नागर से भी पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि देर रात धमाके जैसी आवाज सुनकर उनकी नींद खुली और बाहर निकलकर देखा तो कार और मकान दोनों आग की चपेट में थे। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को जगाया। पुलिस के मुताबिक, परिवार के सदस्य फिलहाल मानसिक स्थिति में नहीं हैं, इसलिए उनके बयान शनिवार को दर्ज किए जाएंगे।

तिलक नगर थाना प्रभारी मनीष लोधा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर में एक दर्जन से ज्यादा कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हुए थे। आग लगने के दौरान बिजली सप्लाई भी चालू थी जिससे पानी डालते ही करंट फैल गया और कुछ फायरकर्मी इसकी चपेट में आ गए। हालांकि वे सुरक्षित रहे। इसी बीच एक सिलेंडर में विस्फोट हुआ, जिससे आग और ज्यादा भड़क गई। अब प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि आखिर घर में इतने कमर्शियल सिलेंडर क्यों रखे गए थे।
मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ पुगलिया ने पहले ही साफ कर दिया था कि हादसे के समय ईवी कार चार्जिंग पर नहीं लगी थी। उनके मुताबिक आग बिजली के खंभे में खराबी से शुरू हुई, जो धीरे-धीरे कार और फिर घर तक फैल गई। उन्होंने यह भी बताया कि घर में डिजिटल लॉक नहीं थे, बल्कि छत का दरवाजा बंद था और उसकी चाबी किचन में थी, जिससे समय पर बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
हादसे से एक दिन पहले मनोज पुगलिया ने व्हाट्सऐप पर एक स्टेटस लगाया था- “वक्त सब कुछ छीन सकता है, मगर हुनर और मेहनत से मिली पहचान नहीं।” अब उनकी मौत के बाद यह स्टेटस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों के लिए एक भावुक याद बन गया है।
ये भी पढ़ें: Gwalior News : जयभान सिंह पवैया बोले...मैं चाहता हूं वित्त का सदुपयोग हो, यही मेरा स्वभाव है
बिजली कंपनी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर डीके तिवारी ने कहा कि अगर खंभे पर शॉर्ट सर्किट हुआ होता तो ट्रांसफॉर्मर पर भी असर दिखता, जबकि संबंधित ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह सुरक्षित पाया गया। केवल उसी गली की बिजली काटी गई थी, बाकी इलाकों में सप्लाई सामान्य रही। घर का लोड भी स्वीकृत सीमा से कम था, जिससे बिजली लाइन या पोल से आग लगने की संभावना बेहद कम लगती है। फायर ब्रिगेड प्रभारी सुशील दुबे ने बताया कि सूचना मिलते ही 30 मिनट के भीतर टीम मौके पर पहुंच गई थी और तुरंत दो गाड़ियां रवाना कर दी गई थी। वहीं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि फिलहाल सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और अभी तक शॉर्ट सर्किट को ही संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।